Mahindra Powerol में क्या कुछ है नया। (सौ. Mahindra) 
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Mahindra Powerol बनी भारत की नंबर 1 डीजल जेनसेट निर्माता, FY25 में 23.8% मार्केट शेयर के साथ रचा इतिहास

महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड की सहायक इकाई महिंद्रा पावरोल ने वित्त वर्ष 2024-25 में डीजल जनरेटर उद्योग में नया मुकाम हासिल कर लिया है। महिंद्रा पावरोल ने 23.8% मार्केट शेयर हासिल किए है।

सिमरन सिंह

महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड की सहायक इकाई महिंद्रा पावरोल ने वित्त वर्ष 2024-25 में डीजल जनरेटर (Genset) उद्योग में नया मुकाम हासिल कर लिया है। Frost & Sullivan की डीजी ट्रैकर रिपोर्ट के मुताबिक, महिंद्रा पावरोल ने 23.8% मार्केट शेयर हासिल करते हुए लंबे समय से बाजार में अग्रणी रहे ब्रांड को पीछे छोड़ दिया है।

CPCB4+ जेनसेट्स बने ग्रोथ का आधार

महिंद्रा पावरोल की इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण इसके CPCB4+ उत्सर्जन मानकों के अनुरूप विकसित किए गए जेनसेट्स हैं, जो पर्यावरणीय नियमों के साथ पूरी तरह मेल खाते हैं। कंपनी ने FY25 में कुल 1,51,634 यूनिट्स की बिक्री में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

टेलीकॉम सेक्टर में 55% से ज्यादा पकड़

महिंद्रा पावरोल ने पिछले 15 वर्षों से टेलीकॉम सेक्टर में 55% से अधिक मार्केट शेयर के साथ अपनी मजबूत पकड़ बनाई हुई है। इसके साथ ही कंपनी ने रिटेल सेगमेंट में भी अपने कदम मजबूती से जमाए हैं, जिससे इसकी बाजार में स्थिति और सुदृढ़ हुई है।

ग्राहकों की जरूरतों पर विशेष ध्यान: संजय जैन

महिंद्रा पावरोल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और बिज़नेस हेड संजय जैन ने इस उपलब्धि पर कहा, "भारत के जेनसेट बाजार में नंबर 1 बनना हमारे नवाचार, विश्वसनीयता और ग्राहक-केंद्रितता का प्रमाण है। टेलीकॉम क्षेत्र में हमारी लीडरशिप, रिटेल में विस्तार और CPCB4+ नियमों के लिए तैयार रहना – ये सभी कारक हमारी सफलता के स्तंभ हैं। हम अपने ग्राहकों, पार्टनर्स और टीम का धन्यवाद करते हैं और भविष्य में भी कुशल और आधुनिक पावर सॉल्यूशंस देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

23 साल में ₹2,280 करोड़ का आंकड़ा पार

महिंद्रा पावरोल ने 2001-02 में पावर जनरेशन कारोबार की शुरुआत की थी और 23 वर्षों में यह ₹2,280 करोड़ से अधिक की कंपनी बन गई है। कंपनी 5 kVA से 650 kVA तक के डीजल जेनसेट्स बनाती है, जो बैंकों, कंस्ट्रक्शन, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी और सरकारी क्षेत्रों में व्यापक रूप से उपयोग होते हैं।

महिंद्रा ग्रुप की वैश्विक पहचान

1945 में स्थापित महिंद्रा ग्रुप आज 100 से ज्यादा देशों में काम कर रहा है और इसके 2.6 लाख से अधिक कर्मचारी हैं। समूह कृषि उपकरण, यूटिलिटी व्हीकल, IT और वित्तीय सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में अग्रणी है।

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