Car के प्रदूषण को देखते हुए सरकार का बड़ा फैसला। (सौ. Pixabay) 
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Kia, Renault और Mahindra पर संकट! सरकार ने उत्सर्जन नियमों पर कसी नकेल

Vehicle Pollution Control: देश में प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार अब और सतर्क हो गई है। इसी क्रम में सरकार ने वाहन निर्माता कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।

सिमरन सिंह

Emission Norms India CAFE Rules 2025: देश में लगातार बढ़ते प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार अब और सतर्क हो गई है। इसी क्रम में सरकार ने वाहन निर्माता कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। सरकार ने एक नया मसौदा कानून पेश किया है जिसके तहत Emission Norms का पालन न करने वाली वाहन कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह नया नियम "ऊर्जा संरक्षण (कम्प्लायंस एनफोर्समेंट) नियम, 2025" के तहत लागू किया जाएगा।

क्या है ये नया नियम?

सरकार के इस नए प्रस्ताव के तहत, ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) को वाहन कंपनियों की Fuel Efficiency की जाँच का अधिकार दिया जाएगा। अगर कोई कंपनी निर्धारित लक्ष्य से कम प्रदर्शन करती है, तो उस पर सीधे जुर्माना लगाया जा सकेगा। ये नियम विशेष रूप से कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता (CAFE) मानदंडों के अनुपालन के लिए लागू किए जाएँगे। वर्ष 2022 में पारित "ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) अधिनियम" में जुर्माने का प्रावधान तो था, लेकिन इसके क्रियान्वयन की कोई ठोस प्रक्रिया नहीं थी। अब सरकार उसी प्रक्रिया को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

जुर्माना कैसे तय होगा?

मसौदा अधिसूचना के अनुसार, जुर्माने की राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित कंपनी की ईंधन खपत और उत्सर्जन निर्धारित मानकों से कितना विचलित है। जुर्माने की कुल राशि का 90% उस राज्य को दिया जाएगा जहाँ संबंधित वाहन बेचा गया था, जबकि शेष 10% "केंद्रीय ऊर्जा संरक्षण कोष (CECF)" में जाएगा। यदि कोई कंपनी जुर्माने के निर्णय से असहमत है, तो वह राज्य विद्युत नियामक संस्था (SERC) में अपील कर सकती है।

किन कंपनियों पर हो सकता है असर?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, Kia, Renault और Mahindra & Mahindra जैसी कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में निर्धारित उत्सर्जन मानकों का उल्लंघन किया है। इन कंपनियों के वाहनों की औसत ईंधन खपत 4.78 लीटर प्रति 100 किमी से अधिक रही और CO₂ उत्सर्जन 113 ग्राम प्रति किमी से अधिक दर्ज किया गया। इन पर ₹7,300 करोड़ तक का जुर्माना लग सकता है। हालाँकि, कंपनियों का तर्क है कि 1 जनवरी, 2023 से सख्त नियम लागू हो रहे हैं, इसलिए पूरे वित्तीय वर्ष के आंकड़ों के आधार पर जुर्माना लगाना उचित नहीं है।

आगे की तैयारी: CAFE नॉर्म्स का तीसरा चरण

सरकार अब CAFE मानदंडों के तीसरे चरण की तैयारी कर रही है, जिसे अप्रैल 2027 से लागू किया जाएगा। इसके लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी ढांचा तैयार किया जा रहा है ताकि किसी भी उल्लंघन की स्थिति में त्वरित और सटीक कार्रवाई की जा सके।

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