Road Accident में क्या होता है Golden Hour. (सौ. Freepik)
नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का संसद में दिया गया बयान इस ओर इशारा करता है कि सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की कोशिश की, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। यह समस्या इसलिए गंभीर है क्योंकि भारत में हर साल 1.5 लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं।
क्या है ‘गोल्डन आवर’?
गोल्डन आवर सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद का सबसे अहम समय होता है। यह वह 60 मिनट का वक्त है, जिसमें यदि घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाए या प्राथमिक चिकित्सा प्रदान कर दी जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
गोल्डन आवर का महत्व
- जान बचाने का मौका: गोल्डन आवर में प्राथमिक उपचार देने से न केवल मरीज की जान बचाई जा सकती है, बल्कि गंभीर चोटों का प्रभाव भी कम किया जा सकता है।
- फर्स्ट एड की भूमिका: किसी बड़े अस्पताल का इंतजार करने के बजाय, नजदीकी अस्पताल में इलाज या फर्स्ट एड देना भी बहुत फायदेमंद होता है।
कैसे बनें मददगार?
- घायल व्यक्ति की प्रतिक्रिया जांचें: सबसे पहले यह देखें कि घायल व्यक्ति आपसे संवाद कर रहा है या नहीं।
- सीपीआर का ज्ञान: हर नागरिक को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) देना आना चाहिए। यूट्यूब पर उपलब्ध वीडियो की मदद से इसे सीखा जा सकता है।
- तुरंत मदद करें: घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार दें या उसे अस्पताल तक पहुंचाने का प्रबंध करें।
भीड़ न लगाएं, मदद करें
भारत में अक्सर घटनास्थल पर लोग मदद करने के बजाय केवल भीड़ लगाते हैं, जिससे इलाज में देरी होती है। इसे रोकना जरूरी है।