FWD, RWD and 4WD का क्या मतलू होता है। (सौ. Freepik) 
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नई कार खरीदने से पहले जान लें FWD, RWD और 4WD का मतलब

नई कार खरीदते समय सिर्फ लुक और माइलेज ही नहीं, बल्कि कार में मिलने वाली टेक्नोलॉजी और ड्राइविंग मोड्स की भी पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है। जिससे आप सही चुनाव कर सकें।

सिमरन सिंह

अगर आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो सिर्फ लुक और माइलेज ही नहीं, बल्कि कार में मिलने वाली टेक्नोलॉजी और ड्राइविंग मोड्स की भी पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है। इन ड्राइविंग सेटअप्स का आपकी ड्राइविंग एक्सपीरियंस और परफॉर्मेंस पर सीधा असर पड़ता है। बिना समझदारी के कार चुनना बाद में पछतावे की वजह बन सकता है।

क्या होता है FWD, RWD और 4WD?

बहुत सी कारों पर आपने FWD, RWD या 4WD जैसे शब्द लिखे देखे होंगे। ये कोई सजावट के लिए नहीं होते, बल्कि इनका सीधा संबंध कार के इंजन और पहियों के बीच पावर ट्रांसफर से होता है। आइए जानते हैं इन शब्दों का मतलब और किस मोड की किस परिस्थिति में होती है सबसे ज्यादा जरूरत।

FWD (Front Wheel Drive) क्या है?

FWD का मतलब है फ्रंट व्हील ड्राइव। इस सिस्टम में कार का इंजन सीधे आगे के दोनों पहियों को पावर भेजता है। यह सेटअप आमतौर पर फैमिली कारों और कॉम्पैक्ट गाड़ियों में दिया जाता है।

  • यह गाड़ियां बेहतर माइलेज देती हैं।
  • फिसलन भरी सड़कों पर बेहतर ट्रैक्शन मिलता है।
  • रखरखाव भी कम खर्चीला होता है।

RWD (Rear Wheel Drive) का मतलब क्या है?

RWD का फुल फॉर्म है रियर व्हील ड्राइव। इस तकनीक में इंजन से पावर सीधे पीछे के पहियों तक जाता है।

  • इसे ज्यादातर ट्रक, स्पोर्ट्स कार और प्रीमियम सेडान में इस्तेमाल किया जाता है।
  • यह सेटअप गाड़ी को तेज़ स्पीड और बेहतर बैलेंस देने में मदद करता है।
  • पावर स्लाइड और ड्रिफ्टिंग जैसे फीचर्स के लिए यह मोड आदर्श है।

4WD (Four Wheel Drive) क्यों है खास?

4WD यानी फोर व्हील ड्राइव, जिसे 4×4 के नाम से भी जाना जाता है। इसमें इंजन से चारों पहियों को एक साथ पावर मिलती है।

  • यह तकनीक खासतौर पर ऑफ-रोडिंग, पहाड़ी इलाके, रेत, मिट्टी या पथरीली सड़कों के लिए कारगर होती है।
  • यह सिस्टम अधिकतर SUV गाड़ियों में देखने को मिलता है।
  • इस मोड की मदद से गाड़ी बेहद मुश्किल रास्तों को भी आराम से पार कर सकती है।

ध्यान दें

कार खरीदने से पहले उसके ड्राइविंग मोड को समझना बेहद जरूरी है। हर सेटअप की अपनी खासियत होती है और आपके उपयोग के आधार पर सही विकल्प का चुनाव करना ही समझदारी है।

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