Flying Bike एक बड़ा सपना। (सौ. YouTube) 
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उड़ान की तैयारी में भविष्य: Air bikes बदल रही है शहरी यातायात की परिभाषा

दुनिया यातायात तकनीक को और बेहतर बनाने के लिए काम करना शुरू कर दिया है। ऐसे में एक विदेशी स्टार्टअप एअर बाइक की तकनीक लाने के लिए लोगों के बीच मशहूर हो गया है।

सिमरन सिंह

जैसे-जैसे दुनिया यातायात की भीड़ से जूझ रही है, तकनीक ने इसका समाधान 'आसमान' में ढूंढ लिया है। हाल ही में एक विदेशी स्टार्टअप द्वारा पेश की गई एअर बाइक ने तकनीक प्रेमियों के बीच हलचल मचा दी है। यह एक सीट वाली उड़ने वाली बाइक भविष्य के शहरी परिवहन के विकल्प के रूप में देखी जा रही है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते ट्रैफिक को संभालने के लिए 2050 तक जितनी सड़कें बनेंगी, उनसे पृथ्वी को लगभग 600 बार घेरा जा सकता है। यही कारण है कि अब निजी वाहनों का भविष्य जमीन पर नहीं, बल्कि आसमान में तलाशा जा रहा है।

हवा में दौड़ती मशीनें

वर्तमान में कई स्टार्टअप और कंपनियां हवा में उड़ने वाले वाहनों पर काम कर रही हैं। इसमें Alef Model-A, SkyDrive, Opener, Jetson One जैसे कई नाम शामिल हैं। Jetson One एक सिंगल-सीटर एअर कार है जो बाजार में आने की तैयारी में है। वहीं, कावासाकी की टेक्नोलॉजी से लैस XTURISMO उड़ने वाली बाइक ने भी खूब सुर्खियां बटोरी है। यह 40 मिनट तक उड़ने की क्षमता रखती है।

पोलिश स्टार्टअप की नई पेशकश

हाल ही में पोलैंड के स्टार्टअप Jetson Bolnot ने भी एक इलेक्ट्रिक एअर मोटरसाइकिल पेश की है। इसे डिजाइनर Tomasz Patan ने बनाया है। यह बाइक 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकती है और एक बार चार्ज करने पर 20 मिनट तक हवा में रह सकती है। इसका उपयोग छोटे दूरी के शहरी सफर के लिए किया जा सकता है।

कैसे काम करती है एअर बाइक?

पारंपरिक बाइक में मोटर पहियों को घुमाती है, लेकिन एअर बाइक में जेट इंजन लगा होता है, जो हवा को तेजी से पीछे की ओर धकेलता है। इसमें जायरोस्कोप और एक्सेलेरोमीटर जैसे सेंसर लगे होते हैं, जो हवा में स्थिरता बनाए रखते हैं। इसे कार्बन फाइबर और 3D प्रिंटिंग तकनीक से तैयार किया गया है, जिससे यह वजन में हल्की लेकिन मजबूत बनती है।

कितना खास है ये अविष्कार?

विशेषज्ञ मानते हैं कि ये एअर बाइक भविष्य में यातायात के प्रति हमारी सोच को बदल सकती हैं। "यह पारंपरिक मोटरसाइकिल की तुलना में सात गुना हल्की है", ऐसा दावा किया जा रहा है। हालांकि, इसकी कीमत और रख-रखाव की लागत ज्यादा होने के कारण यह आम लोगों की पहुंच से दूर हो सकती है।

विशेषज्ञों की राय

विमानन विशेषज्ञ सरस त्रिपाठी कहते हैं, “बोलीनॉट की तकनीक अद्भुत है, लेकिन इसे व्यावहारिक रूप से लागू होने में वक्त लगेगा। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह सीधे सबसे छोटे हवाई मार्ग से गंतव्य तक पहुंचा सकती है। लेकिन इसकी महंगी नेट प्रोपल्शन तकनीक और एअर ट्रैफिक नियम सबसे बड़ी चुनौतियां हैं।”

क्या भारत तैयार है?

अब सवाल यह है कि क्या ये एअर बाइक भारतीय आसमान की शोभा बन पाएंगी? जब तक इन वाहनों के लिए स्पष्ट नियम, सुरक्षा दिशानिर्देश और लागत को लेकर स्थिरता नहीं आती, तब तक ये सिर्फ भविष्य का सपना ही रहेंगी।

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