फोर्ड (सौजन्य : सोशल मीडिया) 
ऑटोमोबाइल

एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए फोर्ड ने कसी कमर, जल्द शुरू करेगी चेन्नई स्थित मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट का उपयोग

कार कंपनी फोर्ड ने अपनी कंपनी का एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए उसके चेन्नई में स्थित मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट को जल्द से जल्द उपयोग में लाने की बात कही है। कंपनी ने बताया है कि उन्होंने तामिलनाडु सरकार को भी इस बातकी जानकारी दे दी है।

अपूर्वा नायक

नई दिल्ली : ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिग्गज अमेरिकी वाहन विनिर्माता कंपनी फोर्ड ने शुक्रवार को अपने एक्सपोर्ट के बारे बड़ी बात बतायी है। कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि वह निर्यात के लिए वाहन बनाने हेतु अपने चेन्नई मैन्यूफैक्चरिग प्लांट का उपयोग करने की तैयारी कर रहे है। साथ ही कंपनी ने इस बात की भी जानकारी दी है इस खबर की सूचना तामिलनाडु सरकार को भी दे दी गयी है।

कंपनी ने 2021 में कहा था कि वह भारत में वाहनों का विनिर्माण बंद कर देगी, लेकिन अब उसने तमिलनाडु सरकार को एक आशय पत्र (एलओआई) दिया है, जिसमें निर्यात के लिए विनिर्माण हेतु चेन्नई संयंत्र का उपयोग करने के इरादे की पुष्टि की गई है।

विनिर्माण विशेषज्ञता का लाभ

फोर्ड ने बयान में कहा कि यह घोषणा फोर्ड नेतृत्व और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के बीच उनकी अमेरिका यात्रा के दौरान हुई बैठक के बाद की गई है। फोर्ड इंटरनेशनल मार्केट ग्रुप के अध्यक्ष के हार्ट ने कहा, “इस कदम का उद्देश्य भारत के प्रति हमारी पर्यावरण अनुकूल प्रतिबद्धता दिखाना है क्योंकि हम नए वैश्विक बाजारों की सेवा के लिए तमिलनाडु में उपलब्ध विनिर्माण विशेषज्ञता का लाभ उठाने का इरादा रखते हैं।”

उचित समय पर किया जाएगा जानकारी का खुलासा

फोर्ड ने कहा कि इस रणनीतिक कदम के तहत कंपनी की महत्वाकांक्षी 'फोर्ड+ विकास योजना' के तहत वैश्विक बाजारों में निर्यात के लिए विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सुविधा का पुनःनिर्माण किया जाएगा। हालांकि, उसने कहा कि विनिर्माण के प्रकार और अन्य विवरणों के बारे में आगे की जानकारी का खुलासा उचित समय पर किया जाएगा।

फोर्ड का दूसरा सबसे बड़ा वेतनभोगी कार्यबल

फोर्ड ने कहा कि उसकी हालिया घोषणा भारत को अपने वैश्विक परिचालन के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में देखने की कंपनी की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। कंपनी ने कहा कि वर्तमान में तमिलनाडु में वैश्विक व्यापार परिचालन में 12,000 लोग कार्यरत हैं। अगले तीन वर्षों में यह संख्या 2,500 से 3,000 तक बढ़ने की उम्मीद है। फोर्ड ने कहा, “साणंद में इंजन विनिर्माण कार्यों के साथ, भारत दुनिया भर में फोर्ड का दूसरा सबसे बड़ा वेतनभोगी कार्यबल है।”

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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