Safety Features for Babies: मां बनने के बाद जिंदगी में कई चीजें बदल जाती हैं और कार खरीदने या इस्तेमाल करने का तरीका भी उनमें से एक है। जिंदगी के इस हिस्से के आने के बाद कार में सिर्फ ड्राइविंग कम्फर्ट या माइलेज देखना काफी नहीं है। अगर आपके साथ नवजात या छोटा बच्चा सफर करता है तो कार की सेफ्टी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं वे कौन-से फीचर्स हैं जो नई कार में जरूर होने चाहिए।
बच्चे को गोद में लेकर कार में सफर करना सुरक्षित विकल्प नहीं होता है। ऐसे में अचानक ब्रेक लगने या टक्कर की स्थिति में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो सकता है। इसलिए ऐसी कार चुनें जिसमें ISOFIX चाइल्ड सीट एंकर दिए गए हों। इससे compatible child seat को कार की पिछली सीट पर मजबूती से फिट किया जा सकता है और गलत इंस्टॉलेशन की संभावना भी कम किया जा सकता है।
बताया जाता है कि बच्चे के साथ यात्रा करने वाली कार में सिर्फ दो एयरबैग देखकर संतुष्ट न हों। फ्रंट के साथ साइड और कर्टन एयरबैग अतिरिक्त सुरक्षा दे सकते हैं। इसके अलावा Electronic Stability Control (ESC) भी बेहद अहम फीचर है। अचानक मोड़ने या फिसलन की स्थिति में यह कार को कंट्रोल में रखने में मदद करता है। लेकिन केवल फीचर्स की लंबी लिस्ट देखकर कार को सुरक्षित मान लेना सही नहीं है। कार की क्रैश टेस्ट रेटिंग और बॉडी स्ट्रक्चर को भी जरूर देखें।
बच्चे के लिए रियर सीट पर 3-पॉइंट सीट बेल्ट, चाइल्ड लॉक और ISOFIX जैसे फीचर्स बेहद काम के हैं। कुछ आधुनिक कारों में Rear Occupant Alert भी मिलता है जो कार से बाहर निकलते समय पीछे किसी यात्री के छूट जाने की स्थिति में अलर्ट कर सकता है।
सलाह दी जाती है कि अगर बजट अनुमति देता है तो ADAS वाली कार पर विचार किया जा सकता है। वहीं Forward Collision Warning, Lane Keeping Assist और Blind Spot Warning जैसे फीचर्स ड्राइवर को संभावित खतरे के बारे में सचेत कर सकते हैं। वहीं 360-डिग्री कैमरा और रियर पार्किंग सेंसर तंग जगहों में कार पार्क करते समय मददगार होते हैं। लेकिन याद रखें, ADAS ड्राइवर का विकल्प नहीं है।
मां बनने के बाद कार खरीदते समय सबसे पहले ISOFIX, 6 एयरबैग, ESC, 3-पॉइंट सीट बेल्ट, मजबूत क्रैश सेफ्टी और अच्छे चाइल्ड-सेफ्टी फीचर्स को प्राथमिकता दें। जिसमें कार कि चमकदार फीचर्स बाद में बच्चे की सुरक्षा पहले देखना जरूरी है।