Global EV Market: इलेक्ट्रिक व्हीकल को दुनिया भर में भविष्य की मोबिलिटी माना जा रहा है लेकिन हर देश में इसकी रफ्तार और तस्वीर एक जैसी नहीं है। देखा जा रहा है कि चीन, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में इलेक्ट्रिक कारें इस बदलाव की अगुवाई कर रही हैं वहीं भारत में EV क्रांति का सबसे बड़ा आधार Electric Two-Wheelers और Three-Wheelers बने हुए हैं। वहीं इसकी सबसे बड़ी वजह कीमत, शहरी ट्रैफिक और रोजमर्रा के सफर की जरूरतें हैं।
बता दें कि दुनिया के बड़े EV बाजारों में इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों की मांग तेजी से बढ़ी है। जिसमें चीन, अमेरिका और यूरोप में सख्त नेट-जीरो लक्ष्यों, सरकारी नीतियों और लगातार बढ़ते मॉडल विकल्पों ने इलेक्ट्रिक कारों को मुख्यधारा में पहुंचाने में मदद की है। वहीं चीन अकेले ही वैश्विक EV बिक्री का करीब आधा हिस्सा अपने नाम करता है। इसके अलावा इन बाजारों में हाई-स्पीड चार्जिंग कॉरिडोर का विस्तार भी लोगों का भरोसा बढ़ा रहा है। जिसका सीधा मतलब है कि वहां EV अपनाने का फोकस सिर्फ वाहन खरीदने तक नहीं बल्कि पूरे चार्जिंग इकोसिस्टम पर है।
इसके साथ ही भारत की कहानी को देखे तो यह थोड़ी अलग है। यहां EV बाजार को सबसे ज्यादा ताकत किफायती Electric Scooters और Three-Wheelers से मिल रही है। देखा जा रहा है कि देश में बड़ी आबादी रोजाना छोटी दूरी के लिए दोपहिया वाहनों पर निर्भर है। ऐसे में कम कीमत और कम रनिंग कॉस्ट वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर लोगों के लिए ज्यादा व्यावहारिक विकल्प बनते हैं।
वहीं भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के मासिक रजिस्ट्रेशन करीब 1.8 से 2 लाख यूनिट तक पहुंच चुका है। जिसमें TVS Motor Company, Bajaj Auto के Chetak, Ather Energy और Ola Electric जैसे पुराने और नए ब्रांड इस सेगमेंट को आगे बढ़ा रहे हैं।
दुनिया में आज की तस्वीर को देखे तो ग्लोबल स्तर पर इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री नई कार बिक्री के 20% से ज्यादा हिस्से तक पहुंच चुकी है और चीन, यूरोप व अमेरिका में ग्राहकों के पास सैकड़ों मॉडल का विकल्प भी उपलब्ध हैं। वहीं भारत में पैसेंजर EV सेगमेंट अभी विस्तार के दौर में चल रहा है। इसकी बड़ी वजह कीमतों को लेकर ग्राहकों की संवेदनशीलता और हाईवे पर फास्ट-चार्जिंग नेटवर्क की सीमित उपलब्धता है। हालांकि Tata Motors, JSW MG Motor India और Mahindra & Mahindra जैसे घरेलू और स्थानीय कंपनियां अपेक्षाकृत किफायती इलेक्ट्रिक कारों के जरिए बाजार का विस्तार कर रही हैं।
इसको कुल मिलाकर देखे तो दुनिया जहां EV को मुख्य रूप से Electric Cars के जरिए अपना रही है वहीं भारत का रास्ता Electric Scooters, Three-Wheelers और किफायती मोबिलिटी से होकर गुजर रहा है। यही अंतर आने वाले सालों में भारत के EV बाजार को वैश्विक ट्रेंड से अलग पहचान दे सकता है।