Arvind Kejriwal On E20 Fuel: देश में E20 पेट्रोल को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है और इस बार आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसको लेकर उनका दावा है कि 2023 से पहले बनी गाड़ियों में E20 पेट्रोल सुरक्षित है या नहीं इस सवाल पर वाहन निर्माता कंपनियां लिखित जवाब देने से बच रही हैं। लेकिन सरकार और भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को खारिज किया है और एथेनॉल मिश्रित ईंधन को सुरक्षित व पर्यावरण के लिए बेहतर बताया है।
मीडिया से बातचीत करने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने देश की 29 प्रमुख कार और दोपहिया वाहन निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या पुरानी गाड़ियों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन, माइलेज या अन्य पार्ट्स पर असर पड़ता है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि यदि नुकसान होता है तो क्या कंपनियां ग्राहकों को हर्जाना देने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही केजरीवाल का दावा है कि किसी भी कंपनी ने इस सवाल का लिखित जवाब नहीं दिया। उनके अनुसार कई कंपनियों के ओनर मैनुअल में 2023 से पहले के कुछ मॉडलों में 10 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग को लेकर सावधानी बरतने की बात कही गई है।
अपने दावों में केजरीवाल ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि 9 वाहन निर्माता कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे व्यक्तिगत और फोन पर बातचीत में स्वीकार किया कि 2023 से पहले बने कुछ वाहनों में लंबे समय तक E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन, फ्यूल लाइन और माइलेज प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन इन दावों के समर्थन में कोई सार्वजनिक दस्तावेज या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं संबंधित ऑटो कंपनियों की ओर से भी इस संबंध में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।
इतनी ही नहीं अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ऑटो कंपनियां सरकारी दबाव के कारण खुलकर कुछ नहीं बोल रही हैं। उनका कहना है कि कंपनियों को कार्रवाई और संभावित आर्थिक नुकसान का डर है सलिए वे सार्वजनिक रूप से कोई लिखित गारंटी देने से बच रही हैं। दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि E20 एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को लाभ मिलेगा और प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी। सरकार लगातार इसे स्वच्छ और टिकाऊ ईंधन के रूप में बढ़ावा दे रही है।
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अभी की चर्चा में केजरीवाल का कहना है कि देश में 2023 से पहले बने करीब 30 करोड़ वाहन सड़कों पर चल रहे हैं। ऐसे में E20 को लेकर उठे सवालों ने करोड़ों वाहन मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। लेकिन अभी के लिए इस पूरे विवाद में अलग-अलग दावे और जवाबी दावे सामने आ रहे हैं। ऐसे में वाहन मालिकों के लिए सबसे बेहतर यही होगा कि वे अपनी गाड़ी के ओनर मैनुअल और वाहन निर्माता कंपनी की आधिकारिक सलाह के अनुसार ही ईंधन का इस्तेमाल करें।