Battery Management System: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसने ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ गई है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि BAT-BMS नाम के एक ऐप का इस्तेमाल कर कुछ लोग चलते हुए E-Rickshaw को बीच रास्ते में रोक रहे हैं। यह कथित तौर पर Prank के नाम पर किया जा रहा है लेकिन इसका असर सीधे उन लोगों पर पड़ रहा है जिनकी रोजी-रोटी ई-रिक्शा से जुड़ी है। इस तरह की वायरल वीडियो के सोशल मीडिया पर आने के बाद से इस ऐप को बैन करने की मांग उठने लगी है।
BAT-BMS के बारे में बताए तो यह एक मोबाइल ऐप है जिसे Shenzhen Grenergy Technology ने विकसित किया है। जिसका मूल उद्देश्य ब्लूटूथ आधारित लिथियम बैटरियों की हेल्थ, चार्ज, वोल्टेज और तापमान की निगरानी करना है। वहीं यह बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) के इंटरफेस के रूप में काम करता है और सामान्य परिस्थितियों में बैटरी की निगरानी के लिए बनाया गया है।
लेकिन इस मामले में चिंता ऐप से ज्यादा उसके कथित दुरुपयोग को लेकर हो रही है। जिसमें सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारियों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि भारत में कई सस्ते ई-रिक्शा बैटरी पैक ऐसे BMS के साथ आते हैं जिनमें पासवर्ड सुरक्षा बेहद कमजोर या बिल्कुल नहीं होती।
जानकारी में बताया जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति 10 से 15 मीटर की ब्लूटूथ रेंज में मौजूद असुरक्षित बैटरी से कनेक्ट हो जाए तो वह बैटरी के डिस्चार्ज फ़ंक्शन को बंद कर सकता है। चूंकि यही फ़ंक्शन मोटर तक बिजली पहुंचाता है इसलिए इसे बंद करते ही ई-रिक्शा अचानक रुक सकता है। यदि ऐसा चलती सड़क पर हो तो दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।
ये भी पढ़े: जून में कार बाजार में बंपर उछाल, Maruti नंबर-1, Tata निकली Mahindra से आगे, Hyundai को लगा बड़ा झटका
वहीं अब X पर इस मामले को लेकर कई यूजर्स ने नाराजगी जताई है। जिसमें Youth Against Silence नाम के अकाउंट से लिखा गया है कि "भले ही ई-रिक्शा गलत हों या नहीं, किसी को भी उन्हें बीच रास्ते में रोकने की इजाज़त नहीं होनी चाहिए। वे भी इंसान हैं और ई-रिक्शा ही उनकी कमाई का एकमात्र जरिया है, सरकार को ऐसे ऐप्स पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए या उन्हें बैन कर देना चाहिए"
वहीं Parth नाम के अकाउंट ने लिखा, "यह ऐप खतरनाक हो सकता है, इससे दुर्घटना भी हो सकती है, मेरा तो यही कहना है कि इस ऐप पर बैन लगा देना चाहिए।"
इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि Apple App Store पर BAT-BMS का पेज फिलहाल उपलब्ध नहीं दिख रहा जबकि Google Play Store पर यह ऐप अभी भी डाउनलोड के लिए मौजूद है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि एक प्लेटफॉर्म इसे हटा सकता है तो दूसरे पर यह अब भी क्यों उपलब्ध है।