Why Smoke Comes From The Silencer: कार की चमक, सर्विसिंग और माइलेज पर तो ज्यादातर लोग ध्यान देते हैं लेकिन साइलेंसर से निकलने वाले धुएं को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि एग्जॉस्ट से निकलने वाले धुएं का रंग आपकी कार के इंजन की सेहत का अहम संकेत हो सकता है। बता दें कि सामान्य स्थिति में एग्जॉस्ट गैस लगभग पारदर्शी या बहुत हल्की दिखाई देती है। अगर अचानक धुआं गाढ़ा और रंगीन नजर आने लगे तो इसे चेतावनी समझना चाहिए।
ठंड के मौसम में कार स्टार्ट करने पर कुछ समय के लिए हल्की सफेद भाप निकलना सामान्य हो सकता है। लेकिन इंजन गर्म होने के बाद भी अगर घना सफेद धुआं लगातार निकलता रहे तो मामला गंभीर हो सकता है। इसका एक संभावित कारण कूलेंट का कंबशन चैंबर में पहुंचकर जलना है। खराब सिलेंडर हेड गैस्केट, क्रैक्ड सिलेंडर हेड या इंजन ब्लॉक जैसी समस्याएं इसकी वजह बन सकती हैं। ऐसी स्थिति में कार को ज्यादा चलाना इंजन को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
अगर साइलेंसर से काला धुआं निकल रहा है तो आमतौर पर इसका मतलब होता है कि इंजन में हवा की तुलना में फ्यूल ज्यादा जा रहा है। खराब एयर-फ्यूल मिश्रण के कारण पेट्रोल या डीजल पूरी तरह नहीं जल पाता और काला धुआं बन सकता है। गंदा एयर फिल्टर, खराब फ्यूल इंजेक्टर या ऑक्सीजन सेंसर में समस्या इसके संभावित कारण हो सकते हैं। इसका सीधा असर कार के माइलेज पर पड़ सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में एयर फिल्टर और फ्यूल सिस्टम की जांच करवाना बेहतर है।
अगर कार से नीला या ग्रे धुआं निकल रहा है तो इंजन ऑयल के जलने की आशंका हो सकती है। घिसी हुई पिस्टन रिंग्स, खराब वॉल्व सील या टर्बोचार्जर की समस्या के कारण इंजन ऑयल कंबशन चैंबर तक पहुंच सकता है। इससे इंजन ऑयल का स्तर तेजी से कम हो सकता है और अंदरूनी पार्ट्स को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। समय पर समस्या ठीक न होने पर मरम्मत का खर्च काफी बढ़ सकता है।
धुएं का रंग बदलते ही सबसे पहले इंजन ऑयल और कूलेंट का लेवल जांचें। कोई स्तर असामान्य रूप से कम हो तो कार को लंबे समय तक चलाने से बचें। इसके बाद अनुभवी मैकेनिक या सर्विस सेंटर पर वाहन की जांच करवाएं। जरूरत पड़ने पर कंप्यूटर डायग्नोस्टिक स्कैन से फॉल्ट कोड भी चेक कराया जा सकता है। याद रखें एग्जॉस्ट का बदलता रंग सिर्फ धुआं नहीं बल्कि आपकी कार के इंजन की तरफ से मिलने वाला अलर्ट हो सकता है। समय रहते ध्यान देने पर बड़ी खराबी और भारी खर्च दोनों से बचा जा सकता है।