Highlight:
EV को खरीदने से पहले लोगों के मन में क्या सवाल आते है।
EV खरीदने से पहले कुछ बातों का पता होना जरूरी होता है।
समय के साथ EV लगातार तकनीक में बेहतर होता जा रहा है।
EV Future Buyers Guide: भारत में इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के सामने आज एक बड़ा सवाल है अभी गाड़ी खरीदें या अगले 1 से 2 साल इंतजार करें? देखा गया है कि पिछले कुछ सालों में इलेक्ट्रिक कारों की कीमत, बैटरी क्षमता, ड्राइविंग रेंज और फीचर्स में काफी बदलाव आया है। ऐसे में खरीदार यह जानना चाहते हैं कि क्या बजट और मिड-रेंज EV सेगमेंट में बड़ी छलांग लग चुकी है या आने वाले समय में तकनीक और किफायती हो सकती है। ऐशे में कुछ सवाल है जो हर ग्राहक के मन में एक बार तो जरूर आते है।
अगर आपको अभी कार की जरूरत है और घर पर चार्जर लगाने की सुविधा है तो मौजूदा EV आपके लिए उपयोगी विकल्प हो सकती है। साथ ही इलेक्ट्रिक कारों में पेट्रोल-डीजल के मुकाबले कम ऊर्जा लागत का फायदा मिल सकता है लेकिन वास्तविक बचत बिजली की दर, ड्राइविंग और चार्जिंग के तरीके पर निर्भर करती है।
दूसरी ओर EV टेक्नोलॉजी लगातार विकसित हो रही है। ऐस में आने वाले सालों में नई बैटरी, बेहतर सॉफ्टवेयर और ज्यादा फीचर्स वाले मॉडल आ सकते हैं। लेकिन यह तय नहीं है कि हर नई कार मौजूदा मॉडल से बहुत सस्ती या बेहतर ही होगी।
500 किमी से ज्यादा की वास्तविक ड्राइविंग रेंज बजट EV के लिए आकर्षक लक्ष्य है लेकिन इसे जल्द ही हर कार में मिलने वाला मानक मानना सही नहीं होगा। इसमें रेंज बैटरी के आकार, कार के वजन, मौसम, स्पीड, एयर कंडीशनिंग और ड्राइविंग स्टाइल से प्रभावित होती है।
इसी तरह 1,000 किमी से ज्यादा रेंज वाली EV की चर्चा के बावजूद खरीदारों के लिए सिर्फ बड़ी बैटरी जरूरी नहीं है। हाईवे पर भरोसेमंद फास्ट चार्जर मिलना उनका चालू होना और चार्जिंग में लगने वाला समय भी उतना ही अहम माना जाता है।
Mahindra BE 6 जैसी इलेक्ट्रिक कारें आधुनिक बैटरी, सॉफ्टवेयर और कनेक्टेड फीचर्स के साथ भारतीय EV बाजार में नई तकनीक ला रही हैं। लेकिन किसी मॉडल को दुनिया की सबसे आधुनिक टेक्नोलॉजी वाला कहना तुलना और ठोस प्रमाण के बिना सही नहीं होगा। वहीं चीन जैसे बाजारों में भी कंपनियां नई बैटरी और इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म पर तेजी से काम कर रही हैं।
साथ ही भविष्य में सॉलिड-स्टेट और सोडियम-आयन बैटरी जैसे विकल्पों पर प्रगति हो सकती है लेकिन इनका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल, कीमत और भारतीय बाजार में उपलब्धता अभी अलग-अलग कारकों पर निर्भर करेगी।
EV खरीदने का फैसला केवल भविष्य की टेक्नोलॉजी के आधार पर न लें। अपनी रोजाना की दूरी, घर पर चार्जिंग, आसपास के चार्जिंग स्टेशन, हाईवे पर यात्रा और बजट को प्राथमिकता को देख कर कोई फैसला लें। साथ ही सरकारी टैक्स छूट और अन्य प्रोत्साहन भी राज्य और समय के अनुसार बदल सकते हैं।
वहीं EV आने वाले सालो में और लोकप्रिय हो सकती हैं लेकिन पेट्रोल-डीजल कारों की जगह पूरी तरह लेने में समय लगेगा। ऐसे में अगर मौजूदा जरूरत पूरी करने वाला मॉडल उपलब्ध है तो खरीदना तर्कसंगत हो सकता है। वहीं अगर आपकी कार बदलने की तत्काल जरूरत नहीं है तो नई तकनीक और विकल्पों का इंतजार भी किया जा सकता है।