Women Car Driving: शहरों में ट्रैफिक बढ़ने के साथ कार चलाना पहले की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे में खासकर नए ड्राइवर्स के लिए बार-बार क्लच दबाना, गियर बदलना और ट्रैफिक में कार को संभालना थकाने वाला काम हो सकता है। यही वजह है कि ऑटोमैटिक कारों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। इसमें महिलाओं के लिए भी ऑटोमैटिक कार कई स्थितियों में ड्राइविंग को आसान और सुविधाजनक बना सकती है। लेकिन कार का चुनाव हमेशा ड्राइवर की जरूरत, बजट और ड्राइविंग कंडीशन के हिसाब से होना चाहिए।
ऑटोमैटिक कार के बारे में बताए तो सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवर को बार-बार क्लच दबाने और मैन्युअली गियर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। इसमें दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे शहरों के भारी ट्रैफिक में यह सुविधा काफी काम आती है। वहीं लंबे समय तक ट्रैफिक में रुकने-चलने के दौरान सिर्फ एक्सेलेरेटर और ब्रेक से कार को नियंत्रित करना अपेक्षाकृत आसान होता है। इससे ड्राइविंग के दौरान हाथ-पैरों की गतिविधियां भी कम हो जाती हैं और ड्राइवर सड़क पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सकता है।
मैनुअल कार सीखते समय क्लच और एक्सेलेरेटर का सही तालमेल बैठाना कई लोगों के लिए मुश्किल होता है। खासकर शुरुआत में कार बंद होने या गलत गियर लगने जैसी स्थिति सामने आ सकती है। वहीं ऑटोमैटिक कार में गियर बदलने का काम ट्रांसमिशन खुद करता है। इससे नए ड्राइवर को एक साथ कई चीजों पर ध्यान देने के बजाय स्टीयरिंग, ब्रेक, ट्रैफिक और सड़क की स्थिति पर फोकस करने में मदद मिल सकती है।
वहीं आज की कई ऑटोमैटिक कारों में रिवर्स कैमरा, पार्किंग सेंसर, 360-डिग्री कैमरा और हिल-होल्ड असिस्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं। ये सुविधाएं तंग जगहों पर पार्किंग को आसान बना सकती हैं। इसमें ऑफिस जाने, बच्चों को स्कूल छोड़ने या रोजमर्रा के छोटे-बड़े कामों के लिए कार इस्तेमाल करने वालों के लिए कम शारीरिक मेहनत भी एक बड़ा फायदा हो सकता है।
बता दें कि ऑटोमैटिक कार हर व्यक्ति के लिए जरूरी तौर पर बेहतर विकल्प नहीं है। खरीदने से पहले कार की कीमत, माइलेज, मेंटेनेंस खर्च, ट्रांसमिशन का प्रकार और आपकी ड्राइविंग जरूरतों को समझना जरूरी है। AMT, CVT, DCT और टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक में ड्राइविंग अनुभव अलग-अलग हो सकता है। वहीं कुल मिलाकर शहरी ट्रैफिक, रोजाना की ड्राइविंग और आराम को प्राथमिकता देने वाले ड्राइवर्स के लिए ऑटोमैटिक कार एक सुविधाजनक विकल्प हो सकती है। सही मॉडल चुनने के लिए टेस्ट ड्राइव लेना सबसे बेहतर तरीका है।