Starlink Internet in American Airlines: एयरपोर्ट पर सफर करने वाले लोगों के लिए अब इंटरनेट काफी जरूरी हो गया है। देखा गया है कि लोग फ्लाइट में बैठने से पहले ही अपने फोन और लैपटॉप तैयार रखते हैं ताकि हवा में भी काम, वीडियो कॉल या एंटरटेनमेंट को जारी रख सकें। ऐसे में इस बदलती आदत के कारण American Airlines ने बड़ा ऐलान किया है। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि एयरलाइन अपनी 500 से ज्यादा नैरोबॉडी फ्लाइट्स में Starlink का हाई-स्पीड इंटरनेट सिस्टम लाने जा रही है। इस सेवा को 2027 की शुरुआत से शुरू किया जा सकता है। वहीं माना तो यह भी जा रहा है कि यह बदलाव फ्लाइट Wi-Fi की दुनिया को पूरी तरह बदल सकता है।
अब तक के समय में फ्लाइट में इंटरनेट इस्तेमाल करना अक्सर परेशानी भरा अनुभव रहता था। जिसमें कभी स्पीड बेहद धीमी तो कभी वीडियो कॉल या स्ट्रीमिंग बीच में अटकने जैसी परेशानी होती थी लेकिन American Airlines अब इस अनुभव को बदलना चाहती है। बता दें ति कंपनी Starlink के लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट नेटवर्क का इस्तेमाल करेगी जो पुराने सैटेलाइट सिस्टम की तुलना में काफी तेज और कम लेटेंसी वाला माना जाता है। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि यह सिस्टम प्रति एंटीना 1Gbps तक की स्पीड देने में सक्षम हो सकता है। जिससे भविष्य में फ्लाइट के अंदर भी इंटरनेट लगभग घर के ब्रॉडबैंड जैसा चलेगा।
आपने देखा होगा कि बिजनेस ट्रैवलर्स सिर्फ सीट और खाने के आधार पर फ्लाइट नहीं चुनते। कई लोग यह भी देखते हैं कि उड़ान के दौरान इंटरनेट कितना अच्छा मिलेगा। ऐसे में अगर Starlink का सिस्टम उम्मीद पर उतरता है तो यात्री बिना रुकावट वीडियो कॉल, मूवी स्ट्रीम कर पाएंगे और क्लाउड पर काम भी कर सकेंगे। जिससे फ्लाइट्स धीरे-धीरे Connected Workspace में बदल जाएगी।
अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक नया इंटरनेट सिस्टम खासतौर पर Airbus A321neo और A321XLR जैसे विमानों में लगाया जाएगा। जो घरेलू और छोटे इंटरनेशनल रूट्स पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती है। ऐसे में यह तो साफ है कि इस बदलाव को पूरी तरह होने में समय लगेगा। जिसमें एयरलाइंस का हर विमान में नया सिस्टम लगाना और सर्टिफिकेशन पूरा करना लंबा वक्त की वजह बताई जा रही है। जिसको लेकर उम्मीद है कि यह धीरे-धीरे 2027 तक रोलआउट हो जाएगा।
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माना जा रहा है कि इस टेक्नोलॉजी के सफल होने पर यात्रियों को फ्लाइट से पहले कंटेंट डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। वे हवा में भी बिना बफरिंग वीडियो देख पाएंगे और इंटरनेट का इस्तेमाल कर पाएगे। लेकिन इसका असली अनुभव तो रोलआउट के बाद ही पता चल पाएगा।