नवभारत डेस्क: हम चाहे नई कार ख़रीद रहे हों या फिर बाइक, इस दौरान हमारे जेहन में एक बात ज़रूर होती है कि अलॉय व्हील वाली हो तो ज्यादा बेहतर है। इसके पीछे पहला कारण यह कि अलॉय व्हील्स गाड़ी को बेहतरीन लुक देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अलॉय व्हील्स के फायदे ही नहीं नुकसान भी हैं?
बाइक या कार में अलॉय व्हील्स न केवल लुक पर असर डालते हैं बल्कि बेहतरीन ड्राइविंग एक्सपीरियंस भी देते हैं। इसके कई सारे फायदे हैं। लेकिन तमाम कारों में कंपनी फिटेड अलॉय व्हील्स नहीं आते हैं। ऐसे में कार ओनर इन्हें बाहर मार्केट से लगवाता है। आपके पास भी बिना अलॉय व्हील वाली गाड़ी है और लगवाने की सोच रहे हैं तो पहले यह ख़बर पढ़ लीजिए।
अलॉय व्हील दो या दो से अधिक धातुओं को मिलाकर बनाए जाते हैं। साधारणतयः ये एल्यूमीनियम और मैग्नीशियम के इस्तेमाल से बनाए जाते हैं। ये नार्मल स्टील व्हील के मुकाबले स्टाइलिश दिखते हैं। इसके साथ ही इनके बेहतरीन डिजाइन्स आपकी गाड़ी को भी एक बेहतर लुक प्रदान करते हैं। इनके कई सारे फायदे हैं लेकिन कुछ नुकसान भी हैं।
अलॉय व्हील्स स्टील व्हील के मुकाबले होते हैं। इससे गाड़ी के कुल वजन पर फर्क पड़ता है जो कि माइलेज पर भी असर डालता है। इसके साथ ही इनमें ऐसी धातुओं का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें जंग नहीं लगती। आप देखते होंगे स्टील व्हील्स में लगातार पानी और मिट्टी जमने के कारण जंग लग जाती है। लेकिन अलॉय में ये आपको नहीं देखने को मिलेगा। वहीं, अलॉय ये आपकी गाड़ी को स्पोर्टी और अट्रैक्टिव भी बनाता है।
अलॉय व्हील्स वाली गाड़ियां आपको साधारण स्टील व्हील वाली कारों की तुलना में महंगी मिलती हैं। वहीं अगर आप बाद में अलॉय व्हील लगवा रहे हैं तब भी इसमें खर्चा होता है। इसके साथ ही कंपनी फिटेड अलॉय व्हील की अपेक्षा बाहर से लगवाए गए अलॉय उतना भरोसेमंद भी नहीं होते। अलॉय व्हील्स के एक बार ख़राब होने पर ठीक करना मुश्किल होता। अधिकतम मौकों पर नया ही लगवाना पड़ता है।