Ganesh Sthapana Rules For Office: गणेश चतुर्थी पर ऑफिस या दुकान में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। गणपति विघ्नहर्ता हैं और उनकी पूजा से जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं।
हालांकि, गणपति की स्थापना से पहले वास्तु का ध्यान रखना जरूरी होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार गणेश जी की मूर्ति स्थापित करते समय दिशा, स्थान और मूर्ति के स्वरूप का ध्यान भी रखना चाहिए। ऑफिस या दुकान में गणेश स्थापना कर रहे हैं, तो इन 5 बातों का खास ख्याल रखें।
ऑफिस या दुकान में गणेश जी की मूर्ति रखने के लिए उत्तर या उत्तर-पूर्व की दिशा को शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार उत्तर दिशा धन और समृद्धि से जुड़ी है, जबकि उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को पूजा के लिए शुभ माना जाता है।
गणेश जी की मूर्ति का मुख इस प्रकार से स्थापित किया जाना चाहिए कि गणेश जी का मुख दक्षिण दिशा की ओर न हो। ऑफिस या दुकान पर गणपति की प्रतिमा को इस तरह रखें कि गणेश जी का मुख पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर हो।
गणेश जी की मूर्ति को सीधे फर्श पर रखने के बजाय स्वच्छ चौकी, लकड़ी के पाटे या ऊंचे स्थान पर स्थापित करें। चौकी पर साफ लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मूर्ति रखना पारंपरिक रूप से शुभ और सही तरीका माना जाता है।
ऑफिस या दुकान के लिए बैठी हुई गणेश प्रतिमा का ही चयन करें। वास्तु संबंधी मान्यताओं में बैठी मुद्रा को स्थिरता और शांति से जोड़ा जाता है। मूर्ति के आसपास फाइलों, कागजों या अन्य सामान का ढेर न लगाएं और ऑफिस के साथ-साथ पूजा के स्थान को साफ-सुथरा रखें।
ऑफिस या दुकान में ऐसा पूजा स्थान न बनाएं जिसके सामने बैठने पर आपकी पीठ गणेश जी या पूजा स्थल की ओर हो। कार्यस्थल का पूजा स्थान साफ-सुथरा और सम्मानजनक जगह पर होना चाहिए। ऑफिस वास्तु संबंधी दिशानिर्देशों में भी पूजा स्थल को सीट के ठीक पीछे रखने से बचने की सलाह दी जाती है।