Grah Gochar 27 September to 3 October 2026: ज्योतिषीय गणना के अनुसार 27 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक ग्रहों की स्थिति में कई महत्वपूर्ण प्रभाव देखने को मिलेंगे। इस सप्ताह सूर्य कन्या राशि में, मंगल कर्क राशि में, बुध तुला राशि में और गुरु कर्क राशि में रहेंगे।
शुक्र भी तुला राशि में संचरण करेंगे। वहीं शनि मीन राशि में वक्री रहेंगे। राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में रहेंगे। चंद्रमा इस दौरान मीन, मेष, वृषभ और मिथुन राशियों से होकर गुजरेगा।
सप्ताहभर सूर्य कन्या राशि में संचरण करेंगे। मंगल कर्क राशि, गुरु कर्क राशि और शुक्र तुला राशि में रहेंगे। बुध तुला राशि में रहेंगे। शनि ग्रह मीन राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे। राहु कुंभ तथा केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे। चंद्रमा मीन से होते हुए मेष, वृषभ और मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस सप्ताह उत्तर, पूर्व एवं पश्चिमोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में प्राकृतिक प्रकोप, हिंसक घटनाओं और दुर्घटनाओं में वृद्धि के संकेत बताए गए हैं।
3 अक्टूबर को वक्री शुक्र के प्रभाव से धान्य, रस पदार्थों, कपड़ा, सूत और वस्त्र आदि के कारोबार में मंदी आने के संकेत बताए गए हैं। हालांकि इन प्रभावों को ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर देखा जाना चाहिए।
रविवार, 27 सितंबर – प्रतिपदा श्राद्ध, पितृतर्पण प्रारंभ।
सोमवार, 28 सितंबर – द्वितीया श्राद्ध।
मंगलवार, 29 सितंबर – तृतीया श्राद्ध, संकष्टी गणेश व्रत।
बुधवार, 30 सितंबर – चतुर्थी श्राद्ध।
गुरुवार, 1 अक्टूबर – पंचमी श्राद्ध।
शुक्रवार, 2 अक्टूबर – षष्ठी श्राद्ध, सप्तमी श्राद्ध।
शनिवार, 3 अक्टूबर – अष्टमी श्राद्ध, श्रीमहालक्ष्मी व्रत, जीवत्पुत्रिका व्रत, जिऊतिया व्रत।
27 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच पितृपक्ष से जुड़े श्राद्ध और तर्पण के दिन रहेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं ग्रहों की स्थिति को देखते हुए यात्रा और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। कारोबारियों के लिए कपड़ा, सूत, धान्य और रस पदार्थों से जुड़े बाजार में उतार-चढ़ाव पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा।