Grah Gochar 25 To 31 October 2026: ज्योतिषीय गणना के अनुसार 25 से 31 अक्टूबर 2026 तक का सप्ताह धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा।
इस सप्ताह शरद पूर्णिमा, कोजागरी व्रत, कार्तिक स्नान की शुरुआत और करवा चौथ जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे। वहीं, ग्रहों की स्थिति के आधार पर अनाज, वस्त्र, सोना-चांदी और तेल से जुड़ी वस्तुओं के बाजार में तेजी के संकेत बताए गए हैं।
इस सप्ताह सूर्य तुला राशि में, मंगल कर्क राशि में, बुध तुला राशि में वक्री अवस्था में और गुरु कर्क राशि में रहेंगे। शुक्र तुला राशि में वक्री रहेंगे, जबकि शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में संचरण करेंगे। राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे। चंद्रमा इस दौरान मीन, मेष, वृषभ और मिथुन राशियों से होकर गुजरेगा।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार 26 अक्टूबर को बुध के अस्त होने और वक्री गति में रहने के प्रभाव से बाजार में उतार-चढ़ाव के संकेत हैं। चित्रा नक्षत्र में शुक्र के प्रभाव से रूई में झटके के साथ मंदी आ सकती है। वहीं, चांदी, सोना, सूत, मोती, मूंगा, गुड़, खांड, अरहर, गेहूं, चना, तिल, नारियल, केसर और कपूर में तेजी के संकेत बताए गए हैं। शेयर बाजार में मंदी की संभावना जताई गई है।
28 अक्टूबर को रूई और चांदी में घट-बढ़ के बाद तेजी आने के संकेत हैं। गेहूं, जौ, चना, चावल, दालवाना और ग्वार में तेजी रह सकती है। इसके अलावा वस्त्र, सोना, सरसों, तेल और मूंगफली के कारोबार में भी अच्छी तेजी के संकेत बताए गए हैं।
ये बाजार संबंधी अनुमान ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। वास्तविक बाजार की चाल कई आर्थिक और व्यावसायिक कारकों पर निर्भर करती है।
रविवार, 25 अक्टूबर – शरद पूर्णिमा व्रत, कोजागरी व्रत और कार्तिक स्नान व्रत के नियम प्रारंभ।
सोमवार, 26 अक्टूबर – स्नान-दान पूर्णिमा और कार्तिक स्नान प्रारंभ।
गुरुवार, 29 अक्टूबर – करवा चौथ, करक चतुर्थी और संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत।
शनिवार, 31 अक्टूबर – स्कंद षष्ठी।
25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा और कोजागरी व्रत मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात का विशेष महत्व है। इसके अगले दिन 26 अक्टूबर से कार्तिक स्नान प्रारंभ होगा। इस अवधि में श्रद्धालु स्नान, दान और पूजा-पाठ के माध्यम से पुण्य लाभ की कामना करते हैं।
29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार महिलाएं दिनभर व्रत करने के बाद चंद्रमा के दर्शन और पूजा करके व्रत का पारण करती हैं।
25 से 31 अक्टूबर के बीच धार्मिक दृष्टि से शरद पूर्णिमा, कार्तिक स्नान और करवा चौथ प्रमुख रहेंगे। पूजा-व्रत के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना उचित रहेगा। बाजार में तेजी-मंदी के ज्योतिषीय संकेतों को निश्चित परिणाम न मानें और निवेश संबंधी निर्णय वास्तविक बाजार की स्थिति तथा विश्वसनीय जानकारी के आधार पर ही लें।