Grah Gochar 13 To 20 September 2026: 13 से 20 सितंबर 2026 तक का सप्ताह ग्रह गोचर, ज्योतिषीय गणना और धार्मिक पर्वों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है।
इस दौरान सूर्य और मंगल राशि परिवर्तन करेंगे, जबकि 20 सितंबर को गुरु के अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश का प्रभाव भी बाजार पर देखने को मिल सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार सप्ताह में कई प्रमुख वस्तुओं के भाव में तेजी-मंदी के संकेत बन रहे हैं।
सप्ताह के दौरान सूर्य सिंह राशि में रहेंगे और 17 सितंबर को रात 11 बजकर 37 मिनट से कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल मिथुन राशि में रहेंगे और 18 सितंबर को दोपहर 3 बजकर 3 मिनट से कर्क राशि में गोचर करेंगे।
बुध कन्या राशि में, गुरु कर्क राशि में, शुक्र तुला राशि में और वक्री शनि मीन राशि में भ्रमण करेंगे। राहु कुंभ तथा केतु सिंह राशि में रहेंगे। चंद्रमा सप्ताह के दौरान कन्या, तुला, वृश्चिक और धनु राशि में संचरण करेगा।
13 सितंबर को चंद्रदर्शन के प्रभाव से ज्योतिषीय गणना के अनुसार तेल, तिलहन, गेहूं, चावल, उड़द और चना में घटा-बढ़ी के साथ तेजी के संकेत हैं। वहीं रूई, चांदी, सोना, सूत और कपास में भी तेजी का रुख रहने की संभावना है।
14 सितंबर को उत्तराफाल्गुनी रवि हस्ते बुध के प्रभाव से रूई, कपास, रेशम, सूत, लोहा, चावल, घी, तेल, तिल, अलसी, सरसों, एरण्ड, उड़द, ज्वार, सुपारी, नारियल, मूंज, बांस और नील में तेजी के संकेत हैं। वहीं सोना, चांदी और शेयर बाजार में मंदी का रुख रहने की संभावना जताई गई है।
17 सितंबर को रात 11 बजकर 37 मिनट से सूर्य सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य के इस राशि परिवर्तन के प्रभाव से रूई, सूत, कपड़ा, नारियल, सुपारी, मेवा, मजीठ, लाल वस्तु, एरण्ड, तेल, तिल, सरसों, सोना, चांदी, लोहा, तांबा, पीतल और रेशम में मंदी के संकेत हैं।
18 सितंबर को दोपहर 3 बजकर 3 मिनट से मंगल मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल के राशि परिवर्तन के प्रभाव से ज्योतिषीय गणना के अनुसार गुड़, खांड, शक्कर, रूई, घी, तेल, सरसों, अलसी, एरण्ड और समस्त अनाजों में तेजी के संकेत हैं। वहीं चांदी के भाव में घटा-बढ़ी की स्थिति बन सकती है।
20 सितंबर को गुरु अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार गुरु के इस नक्षत्र परिवर्तन के प्रभाव से बाजार में अचानक तेजी आने के संकेत हैं। कारोबार और कमोडिटी बाजार में गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
13 सितंबर, रविवार: वराह जयंती।
14 सितंबर, सोमवार: हरितालिका तीज व्रत, गणेश चतुर्थी, श्री गणेश प्रकटोत्सव और श्री गणेश उत्सव का प्रारंभ होगा। इसी दिन चौथ चंद्र व्रत और चंद्रदर्शन निषेध रहेगा।
15 सितंबर, मंगलवार: ऋषि पंचमी।
17 सितंबर, गुरुवार: मौरयाई छठ, सूर्य षष्ठी, ललिता चम्पा षष्ठी व्रत और संतान सप्तमी।
18 सितंबर, शुक्रवार: मुक्ता भरण सप्तमी, महालक्ष्मी व्रतारंभ और सौर आश्विन यानी क्वांर मास का प्रारंभ।
19 सितंबर, शनिवार: श्री राधाष्टमी और दूर्वाष्टमी।
20 सितंबर, रविवार: अदुःख नवमी।
13 से 20 सितंबर के बीच सूर्य और मंगल के राशि परिवर्तन के साथ गुरु का नक्षत्र परिवर्तन भी महत्वपूर्ण रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार बाजार में अलग-अलग दिनों में तेजी और मंदी का दौर देखने को मिल सकता है। कारोबारियों और निवेशकों को बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही बड़े आर्थिक फैसले लेने चाहिए।
कुल मिलाकर 13 से 20 सितंबर 2026 का सप्ताह ग्रह गोचर, बाजार की गतिविधियों और धार्मिक पर्वों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश, मंगल का कर्क राशि में गोचर और गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश इस सप्ताह के प्रमुख ज्योतिषीय घटनाक्रम रहेंगे।