Venus Retrograde 12 Zodiac Signs: धर्म व ज्योतिष से जुड़े विद्वानों का मानना है कि आज 3 अक्टूबर 2026 की रात करीब 8.35 बजे शुक्र ग्रह तुला राशि में वक्री होने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को प्रेम, रिश्तों, भौतिक सुख-सुविधाओं, सौंदर्य और आर्थिक समृद्धि का कारक माना गया है। तुला शुक्र देव की खुद की राशि है।
इसके बाद 5 नवंबर को वक्री शुक्र तुला से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और फिर 14 नवंबर को मार्गी (सीधी चाल) हो जाएंगे। 23 नवंबर को शुक्र एक बार फिर से वापस तुला राशि में आ जाएंगे। ऐसे में ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस पूरे फेरबदल का सभी 12 राशियों पर मिला-जुला असर देखने को मिलेगा।
शुक्र आपकी राशि से सातवें भाव में वक्री हो रहे हैं और बाद में छठे भाव में जाएंगे। वैवाहिक जीवन और बिजनेस पार्टनरशिप में सावधानी बरतें। जीवनसाथी से पुराने विवाद फिर सामने आ सकते हैं, इसलिए भाषा में मिठास बनाए रखें। 5 से 14 नवंबर के बीच सेहत का ख्याल रखें और बिना सोचे-समझे पैसों का निवेश न करें। 23 नवंबर के बाद स्थिति में सुधार आएगा।
आपकी राशि के स्वामी शुक्र छठे भाव में वक्री होकर बाद में पांचवें भाव में प्रवेश करेंगे। इस दौरान आपके खर्च बढ़ सकते हैं और ऑफिस में सहकर्मियों से अनबन हो सकती है। प्रेम संबंधों में पुरानी गलतफहमी दूर करने का मौका मिलेगा, पर भावुक होकर फैसला न लें। 14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
शुक्र पांचवें भाव में वक्री होकर बाद में चौथे भाव में जाएंगे। विद्यार्थियों और रचनात्मक क्षेत्र के लोगों के लिए समय मिला-जुला रहेगा। लव लाइफ में पार्टनर पर दबाव बनाने से बचें। 5 नवंबर के बाद घरेलू मामलों में थोड़ी अशांति रह सकती है। 23 नवंबर को जब शुक्र दोबारा तुला में आएंगे, तो आपकी आय के नए रास्ते खुलेंगे।
चौथे भाव में शुक्र के वक्री होने से घर के नवीनीकरण पर खर्च बढ़ सकता है। माताजी की सेहत का विशेष ध्यान रखें। 5 नवंबर को जब शुक्र तीसरे भाव में जाएंगे, तो भाई-बहनों से अनबन और व्यावसायिक यात्राओं में रुकावट हो सकती है। 14 नवंबर के बाद साहस बढ़ेगा और 23 नवंबर से घर में सुख-शांति का माहौल बनेगा।
आपकी राशि से तीसरे भाव में वक्री होकर शुक्र बाद में दूसरे भाव में जाएंगे। बोलते समय अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। 5 नवंबर से कन्या में वक्री रहने के दौरान धन संचय में दिक्कतें और अचानक खर्चे आ सकते हैं। 14 नवंबर को मार्गी होने के बाद रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।
शुक्र अभी दूसरे भाव में वक्री हैं और 5 नवंबर से 23 नवंबर के बीच आपकी ही राशि में गोचर करेंगे। तुला राशि में वक्री होने से बचत प्रभावित हो सकती है। वहीं कन्या राशि में आने पर आत्मविश्वास में कमी या सेहत से जुड़ी परेशानी हो सकती है। 14 नवंबर को मार्गी होने के बाद निजी जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।
आपकी ही राशि के स्वामी शुक्र पहले भाव में वक्री होकर बाद में बारहवें भाव में जाएंगे। यह समय खुद को समझने का है, जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें। 5 नवंबर के बाद विदेश यात्रा या विदेशी काम से लाभ के योग हैं, हालांकि अस्पताल या फिजूलखर्ची से बचना होगा। 23 नवंबर को पुनः तुला में आने पर मान-सम्मान और सुख में वृद्धि होगी।
बारहवें भाव में शुक्र का वक्री होना विदेशी काम और सुख-सुविधाओं की इच्छा बढ़ाएगा। अपना बजट बनाकर चलना जरूरी है। 5 नवंबर को ग्यारहवें भाव में जाने से आमदनी पर असर पड़ सकता है और दोस्तों से मतभेद संभव हैं। 14 नवंबर को मार्गी होने के बाद अटका हुआ लाभ मिलेगा और 23 नवंबर से मानसिक शांति मिलेगी।
शुक्र ग्यारहवें भाव में वक्री होकर बाद में दसवें भाव में जाएंगे। बड़े भाई-बहनों या अधिकारियों से संबंध न बिगड़ने दें। 5 नवंबर से कार्यस्थल पर चुनौतियां आ सकती हैं, इसलिए नौकरी बदलने का निर्णय सोच-समझकर लें। 14 नवंबर के बाद काम में आ रही रुकावटें खत्म होंगी और 23 नवंबर से व्यापार में अच्छा मुनाफा होने लगेगा।
दसवें भाव में वक्री शुक्र के कारण नौकरी-कारोबार की योजनाओं में थोड़ी देरी हो सकती है। 5 नवंबर को नौवें भाव में जाने से आपका झुकाव धार्मिक कामों की ओर होगा, हालांकि भाग्य का पूरा साथ मिलने में थोड़ा समय लगेगा। पिता की सेहत का ध्यान रखें। 14 नवंबर के बाद भाग्य का सहयोग मिलेगा और करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।
नौवें भाव में वक्री होने से लंबी यात्राओं में रुकावट या देरी हो सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। 5 नवंबर को आठवें भाव में जाने से सेहत का ध्यान रखना होगा, हालांकि पैसों के मामले में सुधार हो सकता है। 14 नवंबर के बाद हालात आपके पक्ष में होंगे और 23 नवंबर के बाद रुकी हुई योजनाएं पूरी होंगी।
आठवें भाव में वक्री होने से ससुराल पक्ष के साथ रिश्तों पर असर पड़ सकता है। पैसों के लेनदेन में गोपनीयता बनाए रखें। 5 नवंबर को सातवें भाव में प्रवेश करने पर जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचें। 14 नवंबर के बाद रिश्तों की कड़वाहट खत्म होगी और 23 नवंबर के बाद लाभ के नए रास्ते खुलेंगे।