मंगलसूत्र फोटो.सोशल मीडिया
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Mangalsutra Rules: क्या हाथ में मंगलसूत्र पहनना सही है? जानिए ज्योतिष और परंपरा क्या कहती है

Mangalsutra in Hand: आजकल महिलाएं मंगलसूत्र को गले के अलावा हाथ में भी पहनती हैं। लेकिन क्या ऐसा करना धार्मिक रूप से सही है? जानिए हाथ में मंगलसूत्र पहनने को लेकर ज्योतिषीय मान्यताएं और पारंपरिक नियम।

रीता राय सागर

Mangalsutra Astrology: मंगलसूत्र भारतीय विवाह परंपरा में सुहाग की निशानी और पति-पत्नी के रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। पारंपरिक रूप से विवाह के बाद इसे गले में पहना जाता है, लेकिन बदलते फैशन और जीवनशैली के साथ कुछ महिलाएं मंगलसूत्र को हाथ में कंगन, ब्रेसलेट या अंगूठी की तरह भी पहनने लगी हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मंगलसूत्र को हाथ में पहनना सही माना जाता है या इसे गले में ही पहनना चाहिए? इस बारे में धार्मिक परंपराओं और ज्योतिषीय मान्यताओं में क्या कहा गया है, आइए जानते हैं।

मंगलसूत्र को क्यों माना जाता है खास?

मंगलसूत्र को विवाह के पवित्र बंधन, सौभाग्य और पति-पत्नी के रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। पारंपरिक रूप से विवाह संस्कार के दौरान इसे महिला के गले में पहनाया जाता है। इसके काले मोतियों की भी विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि ये नकारात्मक प्रभाव और बुरी नजर से रक्षा करते हैं, जबकि मंगलसूत्र में इस्तेमाल होने वाले सोने को शुभता से जोड़ा जाता है।

आजकल हाथ में क्यों पहन रही हैं महिलाएं?

आज के समय में मंगलसूत्र को पारंपरिक तरीके से गले में पहनने के साथ-साथ आधुनिक आभूषण की तरह भी इस्तेमाल किया जाने लगा है। कई महिलाएं इसे ब्रेसलेट या कंगन के रूप में हाथ में पहनना पसंद करती हैं। इसके पीछे मुख्य रूप से फैशन, सुविधा और बदलती जीवनशैली को वजह माना जा सकता है। खासकर कामकाजी महिलाओं के लिए छोटे और हल्के मंगलसूत्र पहनना अधिक सुविधाजनक हो जाता है।

ज्योतिष में हाथ में मंगलसूत्र पहनने को लेकर क्या मान्यता है?

कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगलसूत्र को एक पवित्र सूत्र माना जाता है और इसकी शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए। इसी आधार पर कुछ ज्योतिषियों का मानना है कि इसे गले में पहनना ही उचित है। कहा जाता है कि हाथ में पहनने से मंगलसूत्र की पारंपरिक पवित्रता प्रभावित होती है और इससे जुड़ी सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है।

क्या हाथ में पहनना अपशकुन है?

इसे सीधे तौर पर अपशकुन कहना उचित नहीं होगा। अलग-अलग परिवारों, समुदायों और परंपराओं में मंगलसूत्र पहनने के तरीके अलग हो सकते हैं। अगर कोई महिला सुविधा या व्यक्तिगत पसंद के कारण इसे हाथ में पहनती है, तो इसे लेकर वैज्ञानिक रूप से किसी अशुभ परिणाम का प्रमाण नहीं है। वहीं, जो महिलाएं पारंपरिक मान्यताओं का पालन करती हैं, वे मंगलसूत्र को गले में पहनना पसंद करती हैं।

मंगलसूत्र को लेकर सबसे जरूरी बात

मंगलसूत्र का महत्व सिर्फ इस बात में नहीं है कि उसे गले में पहना जा रहा है या हाथ में। बहुत-सी महिलाओं के लिए यह विवाह, प्रेम, विश्वास और रिश्ते की भावनात्मक निशानी है। इसलिए हाथ में मंगलसूत्र पहनना है या गले में, यह फैसला व्यक्तिगत पसंद का हो सकता है।

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