Pic : Social Media 
आर्टिकल

MP: सीहोर के बोरवेल में फंसी बच्ची के रेस्क्यू की कोशिशें जारी, 300 फीट गहरे बोरवेल में फंसी

राहुल गोस्वामी

नई दिल्ली/सीहोर. मध्यप्रदेश (Madhya Prdaesh) से मिल रही बड़ी खबर के अनुसार, यहां के सीहोर के गांव मुंगावली में बोरवेल (Borwell) में गिरी बच्ची को निकालने के लिए रेस्क्यू (Rescue) अब भी जारी है। वहीं सेना के बाद अब दिल्ली और राजस्थान से विशेष टीम आज यहां पहुंचेगी। जानकारी के अनुसार बच्ची 100 फीट से अधिक की गहराई में फंसी है। फिलहाल मौके पर NDRF और SDRF और सेना के जवान बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, बच्ची घर के बाहर खेल रही थी,इसी दौरान वह बाहर बने बोरवेल में जा गिरी, वहीं परिजनों का कहना है कि उन्हें खुले बोरवेल की जानकारी नहीं थी। इधर अब रेस्क्यू के लिए रोबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। रोबोट से रेस्क्यू करने वाली टीम को मुंबई से बुलाया गया है, वहीं राजस्थान के जोधपुर से एक और विशेषज्ञ टीम बुलाई गई। ढाई साल की सृष्टि को बोरवेल में गिरे लगभग 30 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं। 

गौरतलब है कि, गृहजिले सीहोर के बड़ी मुंगावली गांव में मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे खुले बोरवेल में ढाई साल की मासूम सृष्टि गिर गई थी, जिसे बचाने के लिए मंगलवार दोपहर से ही राहत एवं बचाव कार्य जारी है। जिस खुले बोरवेल में बच्ची गिरी है उसकी गहराई करीब 300 फीट है। बच्ची पहले 29 फीट की गहराई में फंसी थी, लेकिन अब 100 फीट नीचे जा चुकी है। उसे पाइप के जरिए ऑक्सीजन और खाने-पीने की सामग्री पहुंचाई जा रही है।

वहीं, अब बच्ची के काफी गहराई में गिर जाने के कारण राज्य के CM शिवराज सिंह चौहान ने बच्ची को बचाने के लिए सेना को बुलाया है। मुख्यमंत्री चौहान ने जिला प्रशासन को हर संभव कोशिश कर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का जन महाभियोग, SIR और वोट चोरी पर आज शक्ति प्रदर्शन, जानें पूरा शेड्यूल

Weather Update: मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी, सिक्किम से जम्मू तक भारी बारिश, बिहार में सबसे ज्यादा खतरा

हैदराबाद भारत में कैसे शामिल हुआ? जानिए सरदार पटेल, निजाम और ऑपरेशन पोलो की पूरी कहानी

जापानी निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा महाराष्ट्र, मुंबई में JCCI प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक

एथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, लेकिन इतनी सप्लाई आएगी कहां से? सुप्रीम कोर्ट का सरकार से सवाल