ठाणे. काम की तलाश में परिवार को एक जिले से दूसरे जिले (District) या एक तालुका से दूसरे तालुका (Taluka) में स्थलांतरित होना पड़ता हैं। स्थलांतरित परिवारों को विभिन्न सेवाओं का लाभ किसी भी जिले में मिल सके इसलिए उन्हें पोषण कार्ड (Nutrition Cards) देना का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों (Officials) के मुताबिक अब तक जिला या तालुका बदल जाने से सरकारी योजनाओं (Government Schemes) का लाभ मिलना रुक जाता था लेकिन पोषण कार्ड की वजह से नागरिकों को लाभ बिना रुके मिल सकेगा।
गौरतलब है कि विकास सेवा योजना के माध्यम से प्रवासी लाभार्थियों के लिए "पोषण कार्ड" तैयार किया गया है। ठाणे जिले में पोषण कार्ड हरे और गुलाबी रंग में मुद्रित किए गए हैं। हरे कलर कार्ड में लाभार्थियों का मूल स्थान लिया जाएगा। जिसमें लाभार्थियों की व्यक्तिगत जानकारी भरी जाएगी और इसमें नाम, पता, प्रवास की तिथि, प्रवास का कारण, प्रवास का स्थान, प्रवास की अवधि का उल्लेख होगा। इन लाभार्थियों को एकीकृत बाल विकास सेवा योजना से लाभान्वित होने वाली सभी योजनाओं के लिए आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत किया जायेगा। इसमें लाभार्थियों की स्वास्थ्य जांच, वजन, ऊंचाई आदि शामिल हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा सभी प्रविष्टियां भरने के बाद ग्रीन कार्ड रजिस्टर/पोषण ट्रैकर में दर्ज किया जाएगा। गुलाबी कार्ड लाभार्थियों के प्रवास का रिकॉर्ड लेगा। प्रवास के स्थान पर प्रदान की जाने वाली सेवाओं को गुलाबी कार्ड में दर्ज किया जाएगा और रजिस्टर / पोषण ट्रैकर में दर्ज क्रम संख्या को पोषण कार्ड संख्या पर दर्ज किया जाएगा और कार्ड संबंधित परिवार को उनके गृहनगर लौटने से पहले सौंप दिया जाएगा।
20 हजार पोषण कार्ड वितरित मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. भाऊसाहेब दांगडे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी डॉ. रुपाली सातपुते के मार्गदर्शन में महिला और बाल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाएं जिले में लागू की गई है। ठाणे जिले में एकात्मिक बाल विकास सेवा योजना के कुल 9 प्रकल्प कार्यान्वित है और कुल आंगनवाड़ी की संख्या 1894 है। स्थलांतरीत लाभार्थी संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रति आंगनवाड़ी में कम-से-कम 10 लाभार्थियों के आधार पर 18940 जिन स्थानों पर ईंट भटटी स्थलांतर बड़े पैमाने पर है जैसे कि भिवंडी, अंबरनाथ, कल्याण, शहापूर, मुरबाड इन तहसीलों के स्थलांतरीत लाभार्थियों की संख्या वर्तमान समय में 7769 है।
इनमें से तक़रीबन 20,000 पोषण कार्ड छपाई करके आंगनवाड़ी केंद्रों को वितरित किया जा चुका है। "स्थलांतरीत लाभार्थी समाज के एक घटक है। इन्हें शासन का एकात्मिक बाल विकास सेवा योजना अंतर्गत दिए जाने वाले सभी सेवाओं का लाभ मिलना आवश्यक है। साथ ही स्थलांतरीत लाभार्थी भी सीमांत सामाजिक घटक (Marginal) है और इन्हें भी संस्थात्क सेवा सुविधा जैसे की VCDC, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, माझी कन्या भाग्यश्री, डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अमृत आहार योजना, THR, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, पूर्व स्कूली शिक्षा इत्यादि सेवाएं उपलब्ध करना जरुरी है। ऐसे में इस पोषण कार्ड के माध्यम से इन सेवाओं का परिवार अपने मूल स्थान पर और इसके साथ ही स्थलांतरित होने वाले जगहों पर विनाखंड प्राप्त हो सकेगा। डॉ. भाऊसाहेब दांगडे (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद ठाणे)