राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन, SIT की जांच रिपोर्ट के बाद FIR दर्ज

Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यह शिकायत राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई है।
ram mandir donation row
राम मंदिर (Image- Social Media)
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Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यह शिकायत राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई है। सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोग चढ़ावे की राशि से चोरी करते हुए दिखाई दिए हैं, जिसके आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह एफआईआर ऐसे समय में दर्ज की गई है जब राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। हाल ही में इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट भी संबंधित अधिकारियों को सौंप दी है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

8 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर कोतवाली रामजन्मभूमि में 8 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एसआईटी (विशेष जांच दल) की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद की गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि होने की बात सामने आई है। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज एफआईआर में गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं। मामले में मंदिर के कुछ सेवादारों और चढ़ावे की गणना से जुड़े व्यक्तियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।

दो दिन पहले SIT ने सौंपी थी प्रारंभिक रिपोर्ट

राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ियों और गबन के आरोप सामने आने के बाद 13 जून को सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने लगातार छह दिनों तक मंदिर परिसर का दौरा कर विभिन्न पक्षों से पूछताछ की। जांच के दौरान टीम ने मंदिर प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों, ट्रस्ट से संबद्ध लोगों और अन्य संबंधित व्यक्तियों समेत 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए।

जांच प्रक्रिया अभी जारी

इसके अलावा चढ़ावे की गिनती, धनराशि के रखरखाव, सुरक्षा प्रबंधों और कथित अनियमितताओं से जुड़े कई पहलुओं की भी गहन जांच की गई। एसआईटी के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत ने बताया कि यह एक संवेदनशील और गोपनीय जांच है। फिलहाल सरकार को केवल प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी जाएगी।

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