यमन बंटवारे की कगार पर: दक्षिण गुट STC ने जारी किया अपना संविधान, सऊदी अरब ने शुरू की बमबारी

South Yemen Partition: यमन में अलगाववादी गुट STC ने अलग संविधान जारी किया है, जिससे विभाजन का खतरा बढ़ गया है। जवाब में सऊदी अरब ने हवाई हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव चरम पर है।
Yemen Conflict: STC Unveils South Yemen Constitution; Saudi Airstrikes Intensify Partition Fears
यमन का झंडा (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Yemen Civil War STC Constitution 2026: दशक भर से गृहयुद्ध की मार झेल रहे यमन में हालात एक बार फिर विस्फोटक हो गए हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समर्थित अलगाववादी गुट 'सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल' (STC) ने दक्षिण यमन के लिए एक अलग संविधान जारी कर स्वतंत्र राष्ट्र की मांग को नई हवा दे दी है। इस कदम ने न केवल यमन के भीतर राजनीतिक अस्थिरता बढ़ा दी है, बल्कि सऊदी अरब और यूएई के बीच के कूटनीतिक मतभेदों को भी सतह पर ला दिया है। यमन, जो पहले से ही भीषण गरीबी और मानवीय संकट से जूझ रहा है, अब एक औपचारिक विभाजन की दहलीज पर खड़ा दिखाई दे रहा है।

अलग संविधान और जनमत संग्रह की योजना

STC प्रमुख एडारूस अल-जुबैदी ने एक वीडियो संदेश में घोषणा की है कि दक्षिण अरब राज्य के लिए नया संविधान तैयार है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि यह संविधान अगले दो वर्षों तक लागू रहेगा, जिसके बाद एक औपचारिक जनमत संग्रह कराया जाएगा। इस दौरान दक्षिण यमन के लोग तय करेंगे कि वे एक स्वतंत्र देश चाहते हैं या नहीं। अल-जुबैदी ने चेतावनी दी है कि अगर उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया, तो वे सैन्य संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई और तनाव

संविधान की घोषणा के तुरंत बाद सऊदी अरब ने कड़ा रुख अपनाते हुए हदरमौत प्रांत में एसटीसी के ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। सऊदी अरब का आरोप है कि अलगाववादी गुट शांति वार्ताओं में बाधा डाल रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। सऊदी समर्थित बल उन इलाकों को वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं जिन पर पिछले महीने STC लड़ाकों ने कब्जा कर लिया था।

सऊदी अरब बनाम संयुक्त अरब अमीरात

यह संघर्ष अब सऊदी अरब और यूएई के बीच एक 'प्रोक्सी वॉर' बनता जा रहा है। जहां सऊदी अरब यमन की एकता बनाए रखना चाहता है, वहीं यूएई समर्थित STC दक्षिण में अपनी स्वतंत्र सत्ता स्थापित करना चाहता है। यूएई ने फिलहाल संयम बरतने की बात कही है, लेकिन अदन में सऊदी प्रतिनिधिमंडल को उतरने से रोकने जैसी घटनाओं ने दोनों देशों के बीच कड़वाहट और बढ़ा दी है।

ऐतिहासिक विभाजन की आहट

दक्षिण यमन 1967 से 1990 तक एक अलग देश हुआ करता था और अब STC उसी गौरव को वापस पाने का दावा कर रहा है। अदन शहर और प्रमुख राष्ट्रपति भवन पर नियंत्रण के साथ, अलगाववादियों ने जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। अगर कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यमन का यह आंतरिक बिखराव पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।

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