कतर ने रखी थी गैस प्लांट बंद करने की डील! ईरान के इनकार से बची दुनिया, जानें पूरा मामला

Global war news Iran Qatar Deal: कतर ने ईरान को गैस फील्ड पर हमले न करने का प्रस्ताव दिया था। इस डील के फेल होने से दुनिया भर में ऊर्जा संकट का एक बहुत बड़ा खतरा टल गया है।
Energy Crisis: Iran Qatar Deal Fails Amid War Averting Global Chaos
ईरान का हमला (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Global energy crisis Iran Qatar Deal: ईरान क़तर डील के तहत मध्य पूर्व में एक बड़ी साजिश रची गई थी। ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण जंग के दौरान कतर ने यह गुप्त प्रस्ताव रखा था। यह बड़ा प्रस्ताव दुनिया के ऊर्जा बाजार को पूरी तरह से हिला सकता था। हालांकि ईरान ने इस अहम प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार कतर चाहता था कि ईरान उसके सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र को निशाना न बनाए। इसके बदले में कतर अपनी गैस उत्पादन गतिविधियों को पूरी तरह से रोकने पर विचार कर रहा था। अगर यह योजना सफल हो जाती तो दुनिया भर में गैस और तेल की कीमतों में भारी उछाल आ जाता। अमेरिका और इजरायल पर युद्ध खत्म करने का भारी दबाव बढ़ जाता।

रस लाफान पर ईरान का सीधा हमला

लेकिन कतर की यह खतरनाक योजना सफल नहीं हो सकी और ऊर्जा संकट का खतरा टल गया। रिपोर्ट के अनुसार 18 मार्च को ईरान ने रस लाफान और अन्य गैस क्षेत्रों पर हमला कर दिया। यह कड़ी कार्रवाई इजरायल द्वारा ईरान के एक बड़े गैस क्षेत्र को निशाना बनाए जाने के जवाब में की गई थी। इस घटनाक्रम ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को और भी अधिक गहरा कर दिया था।

संघर्ष की शुरुआत और तेल नाकेबंदी

यह भयंकर संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े हमले किए। इन हमलों में ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया था। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी कर दी जिससे 20 फीसदी तेल कारोबार पर असर पड़ा। इससे दुनिया भर में ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आ गया और हर तरफ हाहाकार मच गया।

कतर ने दावों को किया खारिज

वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक जंग के तीसरे दिन कतर ने रस लाफान गैस कॉम्प्लेक्स को बंद कर दिया था। हालांकि सैटेलाइट तस्वीरों में शुरुआती दिनों में किसी बड़े नुकसान के स्पष्ट संकेत नहीं मिले थे। इसी वजह से रिपोर्ट में सवाल उठाए गए कि क्या कतर ने नुकसान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था। इसके बाद कतर ने इस डील से जुड़े इन सभी दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया।

कतर की तरफ से दी गई सफाई

कतर के इंटरनेशनल मीडिया ऑफिस ने युद्ध के दौरान ईरान के साथ किसी भी डील से इनकार किया है। उनका कहना है कि उस समय वह खुद ईरानी मिसाइल हमलों से अपने क्षेत्र की रक्षा कर रहा था। रस लाफान प्लांट को नुकसान पहुंचाने वाले लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। कतर-अमेरिका संबंधों को कमजोर करने के लिए ऐसी गलत खबरें लगातार फैलाई जा रही हैं।

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