बांग्लादेश की पूर्व PM को मिलेगी मृत्युदंड की सजा? जल्द हो सकता है इस पर फैसला, जानें पूरा मामला

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की परेशानियाँ बढ़ती जा रही हैं। उनके खिलाफ गंभीर मामले में सख्त सजा सुनाए जाने की संभावना है, जिसमें उन्हें मौत की सजा या आजीवन कारावास हो सकता है।
आतंकवाद निरोधी अदालत ने 153 पीटीआई कार्यकर्ताओं को दी जबांग्लादेश की पूर्व PM को मिलेगी मृत्युदंड की सजा? जल्द हो सकता है इस पर फैसला, जानें पूरा मामला मानत, 24 याचिकाएं खारिज
सांकेतिक फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
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नवभारत इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण के मुख्य अभियोक्ता, मुहम्मद ताजुल इस्लाम के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता के विरुद्ध अपराधों की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया बेहद जटिल है और इसमें समय लग सकता है। इस्लाम ने उम्मीद जताई कि अगले महीने के भीतर शेख हसीना के खिलाफ कम से कम एक रिपोर्ट मुख्य अभियोक्ता को सौंपी जा सकती है। उनके खिलाफ मानवता के विरुद्ध अपराध के आरोप लगे हैं, और इस संबंध में दो मामले दर्ज किए गए हैं।

अभियोक्ता ने बताया कि पहला मामला जुलाई और दूसरा अगस्त में हुए नरसंहारों से संबंधित है। इन महीनों के दौरान मानवता के खिलाफ किए गए अपराधों, जबरन गायब किए जाने, और न्यायेतर हत्याओं जैसे गंभीर मामलों की जांच जारी है। कानून के तहत इन अपराधों के लिए मृत्युदंड, आजीवन कारावास और अन्य दंडों का प्रावधान है। अब न्यायाधिकरण न्यायालय दोषियों की सजा का निर्धारण करेगा।

अदालत ने सुनाई मौत की सजा

बांग्लादेश के ढाका हाईकोर्ट ने 2019 में साथी छात्र अबरार फहद की हत्या के मामले में 20 छात्रों को सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा है। अबरार फहद ने सोशल मीडिया पर शेख हसीना सरकार के खिलाफ एक पोस्ट लिखी थी, जिसके बाद सत्तारूढ़ अवामी लीग के छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने उसे पीट-पीटकर मार डाला था। 2021 में निचली अदालत ने दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी, जिसे अब हाईकोर्ट ने भी मंजूरी दे दी है। विदेश की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें… 

सभी छात्र बीसीएल से जुड़े थे

बांग्लादेश के अधिकारियों के अनुसार, सभी दोषी बांग्लादेश इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (बीयूईटी) के छात्र थे और अब भंग किए जा चुके बांग्लादेश छात्र लीग (बीसीएल) से जुड़े थे। बीसीएल, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की छात्र इकाई थी।

फेसबुक पोस्ट ने ले ली जान

आरोपियों ने 7 अक्टूबर 2019 को बीयूईटी के इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में पढ़ने वाले द्वितीय वर्ष के छात्र अबरार फहद की हत्या कर दी थी। बताया जाता है कि अबरार ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए एक फेसबुक पोस्ट लिखी थी, जिसके चलते उसकी जान ले ली गई।

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