अमेरिका ने भारत-पाक संघर्ष विराम का फिर स्वागत किया, सीधी बातचीत को बताया सही तरीका

अमेरिकी विदेश विभाग के डिप्टी स्पोकपर्सन टॉमी पिगॉट ने भारत-पाक संघर्ष विराम का स्वागत को दोहराया। उन्होंने आतंकवाद पर सीधा रुख लेने के बजाय क्षेत्रीय संवाद को प्राथमिकता देने की बात कही।
अमेरिका ने भारत-पाक संघर्ष विराम का किया स्वागत, सीधी बातचीत को बताया सही तरीका
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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वाशिंगटन डीसी: भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात के बीच संघर्ष विराम पर अमेरिका ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ की सराहना करते हुए दोनों देशों से सीधा संवाद बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय शक्ति, बुद्धिमत्ता और धैर्य का प्रतीक है। अमेरिका ने इस कदम को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम बताते हुए दोनों पक्षों को शांति की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।

जब पिगॉट से पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को खत्म करने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए फिर से संघर्ष विराम का स्वागत दोहराया। उन्होंने आतंकवाद पर सीधा रुख लेने के बजाय क्षेत्रीय संवाद को प्राथमिकता देने की बात की। इस प्रतिक्रिया से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका फिलहाल शांति प्रक्रिया को प्राथमिकता देना चाहता है, जबकि आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई को लेकर सीधी बात से बच रहा है।

सीधी बातचीत की अपील और नेताओं की सराहना टॉमी पिगॉट ने कहा कि अमेरिका भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का स्वागत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और शहबाज शरीफ की इस पहल की सराहना करते हुए इसे शांति का मार्ग चुने जाने वाला कदम बताया। पिगॉट ने दोनों देशों से आग्रह किया कि वे क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सीधा और रचनात्मक संवाद जारी रखें।

आतंकवाद पर अमेरिका का अस्पष्ट रुख

पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को खत्म करने के सवाल पर पिगॉट ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने सिर्फ यही कहा कि अमेरिका भारत-पाकिस्तान के बीच सीधी बातचीत का समर्थक है और दोनों नेताओं द्वारा शांति की दिशा में उठाए गए कदमों का समर्थन करता है। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका इस समय सैन्य पहलुओं से ज्यादा कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने पर जोर दे रहा है।

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