चीन के विदेश मंत्री वांग यी इस्लामाबाद पहुंचे, पाकिस्तान के डिप्टी PM ने किया स्वागत

चीनी विदेश मंत्री वांग यी तीन दिवसीय दौरे पर पाकिस्तान पहुंचे। उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने इस्लामाबाद में स्वागत किया। दौरे में रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा मामलों पर चर्चा होगी।
China Pakistan Talks
चीन के विदेश मंत्री वांग यी (Image- Social Media)
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Pakistan News: चीनी विदेश मंत्री वांग यी तीन दिवसीय पाकिस्तान दौरे पर पहुंचे हैं। उप-प्रधानमंत्री मोहम्मद इशाक डार ने इस्लामाबाद में उनका स्वागत किया। ये वांग यी की तीन वर्षों में दूसरा पाकिस्तान दौरा है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस वार्ता में राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा होने की उम्मीद है। वांग यी गुरुवार को होने वाली विदेश मंत्रियों की रणनीतिक वार्ता के छठे दौर की पाकिस्तानी उप-प्रधानमंत्री के साथ सह-अध्यक्षता करने के लिए पाकिस्तान पहुंचे हैं।

नूर खान एयरबेस पर स्वागत

इससे पहले, चीनी विदेश मंत्री के आगमन पर, उप-प्रधानमंत्री मोहम्मद इशाक डार ने नूर खान एयरबेस पर उनका स्वागत किया, जहां विदेश मंत्रालय और चीनी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। पारंपरिक वेशभूषा में बच्चों ने भी उनको फूल भेंट किए।

क्या कहा चीन ने?

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सीपीसी केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी पाकिस्तान का दौरा कर रहे हैं और पाकिस्तानी उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार के साथ चीन-पाकिस्तान विदेश मंत्रियों की रणनीतिक वार्ता के छठे दौर का आयोजन कर रहे हैं।

भारत पहुंचे थे वांग यी

चीन के विदेश मंत्री हाल ही में दो दिवसीय भारत दौरे पर आए थे, जिसके बाद वे पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-चीन सीमा पर चल रहे तनाव को कम करने के लिए उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों के बीच वार्ता करना था। इस दौरान उन्होंने भारत की ओर से विशेष प्रतिनिधि और NSA अजित डोभाल के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से द्विपक्षीय बातचीत की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की, जो इस महीने एससीओ समिट में हिस्सा लेने के लिए चीन जाने वाले हैं।

क्या कहा था विदेश मंत्री जयशंकर ने?

चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ अपनी बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ लड़ाई एक और प्रमुख प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मैं हमारे विचारों के आदान-प्रदान की प्रतीक्षा कर रहा हूं। हमारी उम्मीद है कि हमारी चर्चा भारत और चीन के बीच एक स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी संबंध बनाने में योगदान देगी, जो हमारे हितों की पूर्ति करेगा तथा हमारी चिंताओं का समाधान करेगा।

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