मान जाओ ट्रंप! निक्की हेली की अमेरिका को दो टूक, कहा- भारत को चीन समझने की गलती न करें

USA की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने भारत के प्रति ट्रम्प के रुख की आलोचना करते हुए कहा है कि नई दिल्ली के साथ एक मूल्यवान, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक साझेदार की तरह व्यवहार करने की समझाइश दी।
निक्की हेली का ट्रंप को संदेश: भारत को चीन जैसा प्रतिद्वंद्वी नहीं, लोकतांत्रिक साझेदार मानें
अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो- सोशल मीडिया)
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Nikki Haley on India US relations: अमेरिका की पूर्व राजदूत रही निक्की हेली ने डोनाल्ड ट्रंप को समझाइश दी है कि वे भारत को चीन की तरह प्रतिद्वंद्वी मानने के बजाय एक कीमती लोकतांत्रिक साझेदार के रूप में देखें। हाल ही में ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव देखा गया है, इसके पीछे अमेरिका की तरफ से कहा जा रहा है कि भारत रूस के साथ तेल का व्यापार कर रहे है इसलिए अमेरिका के द्वारा भारत के खिलाफ भारीभरकम टैरिफ लगाया है। वहीं चीन को रूसी तेल आयात पर छूट मिली हुई है। हेली ने चेतावनी दी कि भारत को लेकर इस तरह का दृष्टिकोण अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है।

हेली ने अपने लेख में स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी को कमजोर करना एक गंभीर गलती होगी। उन्होंने कहा कि भारत का बढ़ना कम्युनिस्ट चीन की तरह दुनिया के लिए खतरा नहीं है। इसके बजाय, भारत अमेरिका के लिए एक भरोसेमंद सहयोगी साबित हो सकता है, खासकर तब जब वैश्विक स्तर पर चीन का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। न्यूज ऐजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, हेली ने ट्रंप प्रशासन से अपील की कि वह मतभेदों को दूर करने और रिश्तों को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करे।

भारत के महत्व पर जोर

निक्की हेली ने कहा कि भारत में चीन जैसी ही उत्पादन क्षमता है, जिससे अमेरिका अपनी आपूर्ति गतिविधियों को बीजिंग से दूर ले जा सकता है। उन्होंने कपड़ा, सस्ते फोन और सौर पैनल जैसे उत्पादों का उदाहरण दिया, जिनका उत्पादन अमेरिका में उतनी तेजी से संभव नहीं है। हेली ने माना कि भारत कम समय में अमेरिका के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि वह चीन पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का बढ़ता प्रभाव मध्य पूर्व को स्थिर करने में मदद कर सकता है।

चीन पर सख्ती की मांग

हेली ने अपने लेख में ट्रंप पर सवाल उठाए कि चीन पर अतिरिक्त शुल्क क्यों नहीं लगाया गया, जबकि वही रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीद रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत संबंधों की 25 साल की जो प्रगति हुई है, उसे रोकना बहुत ही खराब रणनीति होगी। हेली ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे भारत मजबूत होगा, चीन की महत्वाकांक्षाएं कमजोर होती जाएंगी। उन्होंने ट्रंप से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधी बातचीत करें और इस गिरावट को रोकें।

भारत और अमेरिका के रिश्तों को महत्व देना बहुत जरूरी

निक्की हेली ने दोहराया कि भारत और अमेरिका के रिश्ते को उतना ही महत्व दिया जाना चाहिए, जितना चीन और इजरायल को मिलता है। उनका मानना है कि प्रशासन को उच्च स्तरीय अटेंशन और रिर्सोस भारत के साथ संबंधों में लगाने चाहिए। उन्होंने ट्रंप से कहा कि जितनी जल्दी यह कदम उठाया जाएगा, उतना ही अमेरिका के लिए बेहतर होगा।

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