ईरान को नक्शे से मिटाएगा अमेरिका! चार B-2 बॉम्बर मिडिल ईस्ट की ओर रवाना, दुनिया में मच सकती तबाही

अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते परमाणु तनाव के बीच अपनी सैन्य तैयारी को मजबूत करते हुए चार B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स और आठ टैंकर विमान मिसूरी से डिएगो गार्सिया के लिए रवाना किए हैं। यह कदम अमेरिकी रणनीतिक सैन्य तैनाती की ओर...
ईरान को नक्शे से मिटाएगा अमेरिका! चार B-2 बॉम्बर मिडिल ईस्ट की ओर रवाना, दुनिया में मच सकती तबाही
चार B-2 बॉम्बर मिडिल ईस्ट की ओर रवाना, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
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ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा सैन्य कदम उठाया है, जिससे मिडिल ईस्ट में बेचैनी और बढ़ गई है। अमेरिका ने अपनी सबसे उन्नत और घातक हवाई सैन्य शक्ति को तैनात कर दिया है। मिसौरी स्थित व्हाइटमैन एयर फोर्स बेस से चार अत्याधुनिक B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर और आठ KC-135 टैंकर विमानों ने उड़ान भरी है। ये विमान GBU-57 बंकर बस्टर बम से लैस हैं, जो दुश्मन के गहरे भूमिगत ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये विमान एक खास रणनीतिक मिशन पर निकले हैं, जिसकी योजना बेहद सावधानी से बनाई गई है। यह हवाई टुकड़ी हिंद महासागर में स्थित अमेरिका के महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया की ओर बढ़ रही है। यह अड्डा भारत के नजदीक है और यहां से अमेरिका, ईरान समेत पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र पर सीधा निशाना साध सकता है।

बम से हमला करने की तैयारी में अमेरिका

रडार से बच निकलने में सक्षम इन बमवर्षक विमानों की इस बार सबसे अहम विशेषता है इनकी ‘अल्ट्रा-लॉन्ग रेंज’ उड़ान, जिसे हवा में आठ टैंकर विमानों द्वारा ईंधन भरकर संभव बनाया गया। यह कोई साधारण सैन्य कार्रवाई नहीं मानी जा रही है। विशेषज्ञों के बीच यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि अमेरिका, ईरान की फोर्डो परमाणु सुविधा पर GBU-57 बंकर बस्टर जैसे शक्तिशाली बम से हमला करने की तैयारी कर रहा हो सकता है। इस संभावित मिशन को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। इस गुप्त अभियान में B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स का उपयोग किया जा सकता है, जिन्हें 'MYTEE21' कोड नाम दिया गया है। जिसका पहले भी गुप्त सैन्य ऑपरेशनों से संबंध रहा है।

कोई आधिकारिक बयान नहीं आया सामने

पेंटागन ने इस मिशन को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन जिस स्तर की योजना और तैयारी देखने को मिल रही है, उससे यह स्पष्ट है कि इस ऑपरेशन की तैयारी पहले से चल रही थी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये बॉम्बर किसी संभावित सैन्य हमले के लिए तैनात किए गए हैं या यह केवल रणनीतिक पुनःस्थापन (Strategic Repositioning) का हिस्सा है। इससे पहले भी अमेरिका यूरोप और मध्य पूर्व में कई लड़ाकू विमान, टैंकर और खुफिया उपकरण तैनात कर चुका है। साथ ही दो अमेरिकी सुपरकैरियर पहले से ही ऑपरेशनल स्थिति में मौजूद हैं। ‘अगर युद्ध में उतरे तो…’ ईरान ने दी ट्रंप को दी खुली धमकी, विदेश मंत्री के बयान से पश्चिम एशिया में हड़कंप

सबसे घातक B-2 बॉम्बर

यह बॉम्बर एक अत्याधुनिक विमान है, जिसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह रडार सिस्टम की पकड़ में नहीं आता। यह अपने आकार को रडार स्क्रीन पर एक छोटे पक्षी जितना छोटा दिखाकर पहचान से बच जाता है, जिससे इसे डिटेक्ट करना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यह विमान बिना ईंधन भराव के लगभग 11,000 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है और 18 टन वजन तक के युद्धसामग्री को ले जाने की क्षमता रखता है।

ईरान के कई परमाणु संयंत्र जमीन की काफी गहराई में स्थित हैं, जिस वजह उन्हें नष्ट करना कठिन है। लेकिन अमेरिका के पास GBU-57 "बंकर बस्टर" जैसे शक्तिशाली बम हैं, जो 200 फीट तक की गहराई में दबे हुए लक्ष्यों को भी तबाह कर सकते हैं। इतने भारी और विशेष बमों को केवल B-2 स्टील्थ बॉम्बर जैसे उन्नत विमान ही ले जा सकते हैं, क्योंकि ये बड़े हथियारों को ले जाने और अत्यधिक सटीकता से हमला करने में सक्षम हैं।

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