

US Strikes Iranian Drone Launcher: अमेरिकी सेना ने शुक्रवार सुबह दावा किया कि उसने ईरान के ड्रोन कैरियर जहाज IRIS शाहिद बाघेरी पर एक जोरदार हमला किया, जिससे जहाज में आग लग गई। अमेरिका के मध्य कमान (CENTCOM) ने ब्लैक-एंड-व्हाइट वीडियो भी साझा किया, जिसमें जहाज कई हमलों के बाद आग और धुएं के साथ दिखाई दे रहा है। हालांकि अभी तक ईरानी अधिकारियों ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। साथ ही तेहरान ने किसी भी नुकसान की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
CENTCOM ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि “अमेरिकी सेना ईरान की पूरी नौसेना को डुबाने के मिशन से पीछे नहीं हट रही है।” उसमें इस ड्रोन कैरियर को “लगभग द्वितीय विश्व युद्ध के एयरक्राफ्ट कैरियर के आकार का” बताया गया, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि हमला कहां हुआ। सेंट्रल कमान ने दोहराया कि वे ईरान की नौसेना को निशाना बनाने में कोई ढील नहीं दे रहे हैं।
यह जहाज इसलिए खास है क्योंकि इसे IRIS शाहिद बाघेरी नाम दिया गया है और यह मूल रूप से एक कंटेनर जहाज था, जिसे बड़े ड्रोन ले जाने वाले जहाज में बदला गया। ईरान ने इसे फरवरी 2025 में शुरू किया था। रिपोर्टों के अनुसार, इस जहाज पर लगभग 180 मीटर लंबा रनवे है, जिससे ड्रोन उड़ सकते हैं, और यह बिना किसी बंदरगाह पर रुकावट के लगभग 22,000 समुद्री मील तक यात्रा कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ड्रोन कैरियर्स ईरान की सैन्य रणनीति में नए आयाम जोड़ सकते हैं। यह लंबी दूरी तक मौन रूप से ऑपरेशन करने और लॉन्चिंग प्लेटफॉर्म के रूप में इस्तेमाल होने की क्षमता रखता है, जिससे ईरान को ड्रोन आधारित हमले करने की दूरी और क्षमता बढ़ सकती है।
अमेरिका की सेना द्वारा इसे निशाना बनाना संकेत देता है कि वे ईरानी नौसैनिक क्षमताओं को कमजोर करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहे हैं। इस कार्रवाई और IRIS शाहिद बाघेरी की क्षमताओं ने मध्य पूर्व में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है और क्षेत्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस मामले की निगरानी महत्वपूर्ण बन गई है।