

वॉशिंगटन: इजराइल-ईरान युद्ध में अब अमेरिका भी कूद गया है। अमेरिका इजराइल का साथ देने का ऐलान करते हुए ईरान के तीन परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज़ और इस्फहान पर हवाई हमला करके उसे ध्वस्त कर दिया है। इसके लेकर अब संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे लेकर चिंता जताई है।
एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि अमेरिका की इस कार्रवाई से यह खतरा पैदा हो गया है कि यह संघर्ष तेजी से नियंत्रण से बाहर हो सकता है, जिससे नागरिकों, पूरे क्षेत्र और दुनिया पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने इसे एक ऐसे क्षेत्र में खतरनाक और भड़काऊ कदम बताया, जो पहले ही अत्यधिक तनाव की स्थिति में है। गुटेरेस के अनुसार, यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर और सीधा खतरा है
गुटेरेस ने कहा कि, यह संघर्ष तेजी से नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है, जिससे न केवल आम नागरिकों, बल्कि पूरे क्षेत्र और दुनिया पर भी विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि, मैं सभी सदस्य देशों से आग्रह करता हूँ कि वे स्थिति को शांत करने की दिशा में कदम उठाएं और संयुक्त राष्ट्र चार्टर व अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
उन्होंने कहा, इस बेहद नाजुक समय में अराजकता से बचना अत्यंत आवश्यक है। इस संकट का समाधान सैन्य कार्रवाई से नहीं निकल सकता। आगे बढ़ने का रास्ता केवल कूटनीति है, और शांति ही एकमात्र विकल्प है।
वही, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने के बाद कहा कि ईरान में या तो अब शांति होगी या फिर विनाश। ट्रंप ने कहा कि ईरान को अब शांति के रास्ते पर लौट आना चाहिए। अगर वो ऐसा नहीं करता है तो मैं और बड़े हमले करुंगा।
ईरान पर हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि अब इज़राइल पहले से कहीं अधिक सुरक्षित है। इसके जवाब में नेतन्याहू ने ट्रंप का आभार व्यक्त किया।