'यूरोप खुद के खिलाफ जंग को फंड कर रहा है...', अमेरिका को चुभने लगी भारत-EU ट्रेड डील, फैला रहे हैं झूठ

India-EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ ने लंबी बातचीत के बाद FTA पूरा किया। अमेरिका के रूस-तेल टैरिफ दबाव के बीच यह भारत को नए बाजार और ऊर्जा सुरक्षा के अवसर दे सकता है।
US on India-EU Free Trade Deal
भारत-EU ट्रेड डील पर अमेरिका की प्रतिक्रिया (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US on India-EU Free Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने लंबे समय से चल रही मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत को पूरा कर लिया है। दोनों देश आज इस समझौते पर साइन करके इसे अंतिम रूप देने वाले हैं। इसी बीच अमेरिका ने इसे लेकर अपनी राय रखी है। जिसमें उन्होंने इसे यूरोप को इससे घाटे की बात कही, साथ कहा है कि यूरोप ऐसा करके अपने खिलाफ जंग को फंड कर रहा है। 

डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका ने यूरोप की तुलना में अधिक बलिदान दिए हैं। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यूरोपीय देश अनजाने में उसी संघर्ष को वित्तीय मदद दे रहे हैं, जिससे वे प्रभावित हो रहे हैं।

रूस के तेल को लेकर अमेरिका की आपत्ति

अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने आरोप लगाया है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदता है, उसे रिफाइन करता है और फिर वही उत्पाद यूरोपीय देशों को बेचे जाते हैं। उनके अनुसार, इससे रूस–यूक्रेन युद्ध को अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक समर्थन मिलता है। इसी आधार पर अमेरिका ने भारत पर पहले 25 प्रतिशत और बाद में कुल 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए।

19 साल से अटकी हुई थी डील

भारत-EU FTA पर बातचीत की शुरुआत वर्ष 2007 में हुई थी। अब दोनों पक्षों ने कहा है कि समझौता कानूनी जांच (लीगल स्क्रूटनी) के लिए तैयार है। इसे औपचारिक रूप से 27 जनवरी को घोषित किए जाने की संभावना है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समझौते को “सभी समझौतों की जननी” बताया है।

भारत पर 50% तक टैरिफ

अमेरिका द्वारा लगाए गए कुल 50 प्रतिशत टैरिफ में से 25 प्रतिशत विशेष रूप से रूस से तेल खरीद से जुड़े कारणों पर आधारित बताए गए हैं। यह फैसला अगस्त 2025 में लिया गया था।

राजनयिक संकेत भी जारी

इन व्यापारिक मतभेदों के बावजूद, डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत और अमेरिका को दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने लोकतंत्र बताते हुए दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों पर ज़ोर दिया।

भारत दौरे पर आएंगें कनाडाई पीएम

अमेरिका की सख्त व्यापार नीति के बीच कनाडा भी अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर पुनर्विचार कर रहा है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व में कनाडा भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और व्यापारिक साझेदार मान रहा है। अमेरिका ने कनाडा पर भी भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय संघ और कनाडा के साथ मजबूत होते संबंधों से भारत को ऊर्जा सुरक्षा, नए निर्यात बाजार और अमेरिकी टैरिफ दबाव से आंशिक राहत मिल सकती है।

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