

Israel Gaza conflict: इजरायल और गाजा के बीच जारी बढ़ता जा रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि दो अमेरिकी पायलटों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि इन पायलटों ने हथियारों से भरे विमान को इज़रायल ले जाने से इंकार कर दिया था। वीडियो में दिखाया गया है कि दो वर्दीधारी अधिकारी और एक अन्य व्यक्ति हथकड़ी लगाकर ले जाए जा रहे हैं। वीडियो में तीनों विरोध जताते हुए कहते नजर आते हैं कि अमेरिका इस नरसंहार में शामिल है।
इस मामले की जांच में यह सामने आया कि वायरल दावा पूरी तरह गलत था। 3 सितंबर को सीनेट की सुनवाई के दौरान, दोनों अधिकारियों और एक अन्य व्यक्ति को व्यवधान डालने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।वीडियो के कैप्शन में दावा किया गया कि अमेरिकी सेना के अधिकारियों एंथनी एगुइलर और जोसेफिन गुइलब्यू को गाजा में इजरायल के नरसंहार में शामिल होने के आरोप में सीनेट की सुनवाई से हटा दिया गया। हालांकि, ऐसी कोई भी विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं है जो यह साबित करती हो कि पायलट्स ने हथियारों से भरे विमान को इज़रायल ले जाने से मना करने पर गिरफ्तार किए गए।
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कांग्रेस को इज़रायल को 6.4 अरब डॉलर के हथियार और सैन्य उपकरण बेचने का प्रस्ताव भेजा है। इस डील में 30 AH-64 अपाचे हमलावर हेलीकॉप्टर, 3,250 इन्फैंट्री असॉल्ट वाहन और 7 करोड़ डॉलर के अतिरिक्त उपकरण शामिल हैं। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब इज़रायली सेना ने शुक्रवार को गाजा सिटी में अपने अभियान को तेज करते हुए हमास के ठिकानों पर बमबारी की, और बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी लोगों ने बताया कि उनके पास सुरक्षित निकलने का कोई रास्ता नहीं है।
जानकारी के अनुसार, डील में 3.8 अरब डॉलर केवल अपाचे हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए हैं, जबकि 1.9 अरब डॉलर के इन्फैंट्री वाहनों का इज़रायली सेना को वितरण होगा। इसके अलावा, 750 मिलियन डॉलर की अलग डील में स्पेयर पार्ट्स और पावर सप्लाई शामिल हैं। यह खबर ऐसे समय में आई है जब जल्द ही न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की वार्षिक बैठक होने वाली है जिसमें गाजा संकट को लेकर कुछ निर्णय हो सकता है।