सबकुछ ठप... लाखों अमेरिकी परेशान, अब ट्रंप बोले- जल्द खत्म होगा सरकारी शटडाउन

USA Shutdown: अमेरिका का अब तक का सबसे लंबा सरकारी शटडाउन जल्द ही खत्म हो सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि समझौते की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है। इस शटडाउन से लाखों सरकारी...
Trump's big statement: 'We will not bow down now...', the government shutdown in America will end soon!
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Updated on

USA Shutdown Ending: अमेरिका में जारी अब तक के सबसे लंबे सरकारी शटडाउन के खत्म होने की उम्मीदें तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि देश शटडाउन समाप्त करने के बहुत करीब है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सीनेट ने गतिरोध तोड़ने की दिशा में पहला कदम उठाया है।

सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के एक समूह ने स्वास्थ्य देखभाल सब्सिडी के विस्तार की गारंटी के बिना चर्चा शुरू करने पर सहमति जताई है, जो एक संभावित समझौते की ओर इशारा करता है।

खत्म होने के करीब शटडाउन

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ऐसा लगता है कि हम शटडाउन को खत्म करने के बहुत करीब पहुंच रहे हैं। हम अपने देश में आने वाले कैदियों और अवैध प्रवासियों को कोई पैसा देने के लिए कभी भी सहमत नहीं होंगे। मुझे लगता है कि डेमोक्रेट अब इसे समझते हैं। बहुत जल्द सबकुछ साफ हो जाएगा। अमेरिका में यह शटडाउन 1 अक्तूबर से शुरू हुआ था, जब ट्रंप प्रशासन का अस्थायी फंडिंग बिल सीनेट में पर्याप्त समर्थन हासिल नहीं कर सका। बिल पारित करने के लिए कम से कम 60 वोटों की जरूरत थी, लेकिन सिर्फ 55 वोट मिले। इसके बाद से सरकारी सेवाएं आंशिक रूप से बंद हैं, जिससे लाखों सरकारी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला और खाद्य सहायता योजनाएं प्रभावित हुईं।

शटडाउन का असर

लंबे शटडाउन का असर न केवल प्रशासनिक कामकाज पर पड़ा है बल्कि अमेरिकी बाजारों और अर्थव्यवस्था पर भी इसका दबाव दिखने लगा है। हवाई अड्डों पर देरी बढ़ रही है, कई एजेंसियों की सेवाएं ठप हैं और उपभोक्ताओं के बीच असंतोष बढ़ रहा है।

शटडाउन क्यों होता है?

अमेरिका में सरकारी शटडाउन तब होता है जब कांग्रेस में बजट या फंडिंग बिल पर सहमति नहीं बन पाती। सरकार के विभिन्न विभागों को चलाने के लिए संसद से धन स्वीकृति जरूरी होती है। लेकिन जब राजनीतिक गतिरोध की वजह से यह फंडिंग रुक जाती है, तो सरकार के पास खर्च करने के लिए कानूनी अधिकार नहीं रहता। ऐसे में सरकार को अपनी गैर-जरूरी सेवाओं को बंद करना पड़ता है जिसे “गवर्नमेंट शटडाउन” कहा जाता है।

आगे क्या?

अगर सीनेट और हाउस दोनों में समझौता पास हो जाता है तो राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद सरकारी फंडिंग बहाल हो जाएगी। इससे कर्मचारियों को बकाया वेतन मिलेगा और सेवाएं सामान्य होंगी। अभी पूरा देश इस बात की प्रतीक्षा कर रहा है कि क्या वाकई यह शटडाउन समाप्ति की ओर बढ़ रहा है या फिर एक और राजनीतिक संघर्ष आने वाला है।

Navbharat Live
navbharatlive.com