कुछ ही घंटे में दूसरा झटका... पाकिस्तान में आधी रात तेज भूकंप से कांपी धरती; जानिए क्या रही तीव्रता

Earthquake in Pakistan: पाकिस्तान में लगातार भूकंप के झटके लग रहे हैं। शनिवार तड़के एक बार फिर भूकंप महसूस किए गए। हालांकि इसमें किसी नुकसान की खबर नहीं है।
Taiwan shaken by strong earthquake; magnitude 6.1 tremor rocks the island; people flee homes and offices
भूकंप, सांकेतिक तस्वीर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Pakistan Earthquake latest News Today: भारत के पड़ोसी पाकिस्तान में प्राकृतिक आपदाएं लगातार लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। बाढ़ से मिली तकलीफ़ अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि अब बार-बार आ रहे भूकंप के झटकों ने दहशत का माहौल बना दिया है। शनिवार तड़के 1:59 बजे 4.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंपीय केंद्र के अनुसार इसका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर गहराई में स्थित था।

इससे पहले 2 अक्टूबर को कराची में भी 3.2 तीव्रता का झटका महसूस हुआ था, जिसका केंद्र मलिर से करीब 7 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में रहा। हालांकि ताज़ा भूकंप से किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लगातार हो रही हलचल ने लोगों को भयभीत कर रखा है।

कराची में आया 3.2 तीव्रता का भूकंप

रिपोर्ट के मुताबिक, 2 अक्टूबर को पाकिस्तान के कराची में सुबह 9:34 बजे 3.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। पाकिस्तान मौसम विभाग (PMD) के अनुसार, इसका केंद्र मालिर से लगभग सात किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था और यह 10 किलोमीटर गहराई में उत्पन्न हुआ। इससे पहले 4 सितंबर को अफगानिस्तान और पाकिस्तान में 6.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के जलालाबाद से 14 किलोमीटर पूर्व और 10 किलोमीटर गहराई में था। यह हाल के समय में अफगानिस्तान में आया दूसरा बड़ा भूकंप माना गया।

लगातार भूकंप के झटके घबराए लोग

हाल के दिनों में यहां कई बार धरती हिली। 25 अगस्त को पाकिस्तान के उत्तरी इलाकों में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके झटके इस्लामाबाद, रावलपिंडी और खैबर पख्तूनख्वा के कई हिस्सों में महसूस किए गए। झटकों के दौरान घबराए लोग घरों से बाहर निकल आए थे। बता दें कि 19 और 20 अगस्त को भी 5.5 और 3.7 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए थे।

अफगानिस्तान में भूकंप की तबाही

पिछले महीने अफगानिस्तान में आए 6.0 तीव्रता के भूकंप ने भयंकर तबाही मचाई। कच्ची ईंटों, मिट्टी और लकड़ी के घरों के ढहने से कई गांव पूरी तरह उजड़ गए। मलबे से सैकड़ों शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या 2,200 से अधिक हो गई। सबसे ज्यादा नुकसान कुनार प्रांत में हुआ, जहां लोग पहाड़ों से घिरी नदी की घाटियों में रहते हैं। कठिन भौगोलिक स्थिति और संसाधनों की कमी राहत एवं बचाव कार्यों में बड़ी चुनौती बन रही है।

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