

US Israel Iran War Trump Statement On Peace Talks: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने कहा है कि इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों से हमलों से शांति वार्ता पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर निशाना साधते हुए यहां तक कह दिया कि 'उनके हाथ में कुछ नहीं है' और ईरान को लेकर अंतिम फैसला केवल अमेरिका ही करेगा।
सूत्रों के मुताबिक, बीते सप्ताह डोनाल्ड ट्रंप फोन पर नेतन्याहू पर काफी बिगड़ गए थे। ट्रंप ने इजरायल को सख्त लहजे में निर्देश दिया है कि वह लेबनान पर अपने हमले तुरंत बंद करे। हालांकि, इजरायल ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि उसने केवल ईरान द्वारा किए गए युद्धविराम उल्लंघन का जवाब दिया है। नेतन्याहू ने फिलहाल इस मामले पर सीधे तौर पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है।
इस तनाव के बीच अभी हाल ही में अमेरिकी सेना ने हाल ही में गोरुक और केश्म द्वीप स्थित ईरानी रडार केंद्रों और ड्रोन कमान केंद्रों को निशाना बनाया था। इसका पलटवार करते हुए ईरान ने कुवैत और बहरीन में मिसाइलें दागीं। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने सात बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, एक ईरानी ड्रोन हमले में कुवैत के मुख्य हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा है, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई। जिसके बाद सऊदी अरब, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया है।
शांति वार्ता वर्तमान में कई मुद्दों पर रुकी हुई है। ईरान चाहता है कि उसकी फ्रीज की गई अरबों डॉलर की संपत्तियों को तत्काल रिहा किया जाए, जबकि वाशिंगटन का कहना है कि कोई भी वित्तीय राहत ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन के भंडार को कम करने की शर्त पर ही दी जाएगी।
इसके अलावा, तेल निर्यात पर प्रतिबंधों में छूट और होर्मुज की सुरक्षा जैसे मुद्दे पर भी अभी तक कोई बात नहीं बन पा रही है। अभी हाल ही में इसी को लेकर पाकिस्तान के गृह मंत्री सेना प्रमुख आसिम मुनीर का विशेष संदेश को लेकर तेहरान पहुंचे हैं। हालांकि ये बात सामने नहीं आ पाई है कि उस संदेश में क्या था।