US Iran War: अमेरिका ईरान वार के बाद ईरान को मिला होर्मुज का कंट्रोल, अमेरिका की खुफिया रिपोर्ट
US Iran War: अमेरिका की खुफिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ईरान वार के बाद ईरान जब चाहे होर्मुज को बंद कर सकता है। यह दुनिया के 20 प्रतिशत तेल व्यापार का मार्ग है जो अब पूरी तरह ईरान के पास है।
- Written By: प्रिया सिंह
होर्मुज स्ट्रेट (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Iran War Peace Deal News: अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया विवाद ने पूरी दुनिया के सामने एक नई हकीकत पेश कर दी है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने अपनी एक ताजा रिपोर्ट में यह स्वीकार किया है कि ईरान को अब एक ऐसा ब्रह्मास्त्र मिल गया है जिसकी ताकत का अंदाजा खुद उसे भी पहले नहीं था। यह खतरनाक हथियार कोई परमाणु बम नहीं बल्कि होर्मुज स्ट्रेट का पूरा और असली नियंत्रण है।
इस अहम समुद्री रास्ते से पूरी दुनिया के कुल तेल कारोबार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित गुजरता है। युद्ध के बाद ईरान यह समझ गया है कि वह वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाने की एक नई और बहुत शक्तिशाली क्षमता हासिल कर चुका है। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम डील भी पूरी हो गई है जिस पर इसी शुक्रवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे।
डील और परमाणु वार्ता
इस नए फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर आधिकारिक मुहर लगने से पहले ही होर्मुज का रास्ता खोल दिया गया है। इस डील के लागू होने के 60 दिनों के अंदर दोनों देशों के बीच अहम परमाणु वार्ता शुरू हो जाएगी। हालांकि मौजूदा संकट फिलहाल टल गया है लेकिन ईरान ने दिखा दिया है कि वह होर्मुज का रास्ता कभी भी बंद कर सकता है। अमेरिकी खुफिया आकलन बताते हैं कि भविष्य में भी ऐसा दोबारा हो सकता है।
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परमाणु हथियार से भी बड़ी ताकत
अमेरिकी खुफिया आकलन से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि अमेरिका ने अब होर्मुज पर असली कंट्रोल ईरान को दे दिया है। सूत्र के मुताबिक ईरान के हाथ में यह नियंत्रण किसी भी खतरनाक परमाणु हथियार से ज्यादा बड़ी और अहम ताकत है। इस भयानक युद्ध ने भविष्य में ऐसे कूटनीतिक तरीकों का इस्तेमाल करने को लेकर तेहरान की सोच को पूरी तरह बदल दिया है। होर्मुज को फिर से खोलने के लिए अमेरिका को ईरान से लंबी और गहन बातचीत करनी पड़ी।
ईरान का हथियारों का भंडार
इससे यह साफ होता है कि ईरान के पास अभी भी काफी प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की पूरी क्षमता है। ईरान को अब यह भी लगता है कि वह भविष्य में भी होर्मुज को एक असरदार हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकता है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि उसके पास अभी भी हथियारों का एक बहुत बड़ा भंडार मौजूद है। इनमें मिसाइलें, खतरनाक ड्रोन, मिसाइल लॉन्चर और सैकड़ों छोटी तेज रफ्तार वाली नावें मुख्य रूप से शामिल हैं।
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ऊर्जा ढांचे पर चुनिंदा हमले
एक दूसरे सूत्र ने बताया कि ईरान ने यह भी सीख लिया है कि वह खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचे पर चुनिंदा हमले कर सकता है। इन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सटीक हमले करके ईरान अपने फायदे के लिए आसानी से एक भारी दबाव बना सकता है। युद्ध के दौरान उसने ऐसा बहुत ही प्रभावी तरीके से करके दिखाया है और अब यह उसके पास भविष्य का एक और हथियार है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति कभी भी बाधित हो सकती है।
