

Escalating US Iran War Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है और दोनों देश युद्ध के मुहाने पर खड़े नजर आ रहे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बहुत ही सख्त बयान जारी करके ईरान को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम और उसकी पूरी पारंपरिक सेना अब पूरी तरह से नष्ट कर दी गई है। वेंस ने साफ किया कि अगर ईरान ने अपनी हरकतें नहीं सुधारीं तो उसे और भी ज्यादा गंभीर व भयानक परिणाम भुगतने होंगे।
वेंस ने ईरान को याद दिलाया कि अमेरिका का मूल समझौता यह था कि अगर जहाजों पर हमले रुके तो नाकाबंदी हटेगी। लेकिन ईरान ने ठीक 24 घंटे पहले एक बार फिर से अमेरिकी जहाजों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी है। इसके जवाब में अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वह पहले से कहीं अधिक जोरदार और भारी जवाबी कार्रवाई करेगा। दोनों देशों के बीच लगातार बिगड़ते इन गंभीर हालातों ने अब पूरी दुनिया की चिंताओं को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है।
जेडी वेंस ने यह बहुत स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को हमेशा खुला रखने का कड़ा आदेश दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अमेरिकी जनता और पूरी दुनिया को तेल और गैस की निर्बाध आपूर्ति लगातार जारी रहनी चाहिए। अमेरिका ने कहा है कि यह दुनिया का सबसे अहम मार्ग है और ईरानियों को इसे खुला रखने की अहमियत समझनी चाहिए। अगर ईरान इसे बंद करने की कोशिश करता है, तो अमेरिकी सेना की तरफ से एक बहुत ही भयानक सैन्य पलटवार किया जाएगा।
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उसने ईरान में अपने हालिया हमलों में करीब 90 स्थानों को निशाना बनाया है। इन सभी 90 ठिकानों को पूरी तरह तबाह करने के बाद अमेरिका ने फिलहाल अपने भारी हवाई हमलों को रोक दिया है। सेना ने ऐसे कई फुटेज भी जारी किए हैं जिनमें हवाई अड्डे के रनवे और मिसाइल लॉन्चरों को पूरी तरह तबाह होते दिखाया गया है। अमेरिकी बल पूरी तरह अलर्ट पर है और किसी भी नए निर्देश पर तुरंत बहुत बड़ा सैन्य अभियान चलाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरानी न्यूज़ एजेंसी के अनुसार बुशहर के बाहरी इलाके में स्थित एक बड़े सैन्य अड्डे पर अमेरिकी सेना द्वारा दागे गए 2 गोले गिरे हैं। इसके अलावा चाबहार और कोनारक इलाकों में भी लगभग 10 बड़े विस्फोटों की सूचना मिली है, जिससे भारी दहशत का माहौल है। इन 10 विस्फोटों के चलते चाबहार के कई हिस्सों में बिजली की आंशिक कटौती हो गई है और जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसके साथ ही दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान के सिरिक इलाके में भी एक बहुत ही तेज विस्फोट की भयानक आवाज सुनी गई है।
स्थानीय ईरानी अधिकारी इस पूरे मामले और भारी तबाही की बहुत ही विस्तृत जानकारी जुटाने में युद्ध स्तर पर लगे हुए हैं। बुशहर के राजनीतिक और सुरक्षा मामलों के उप राज्यपाल ने बताया है कि इन बड़े हमलों में फिलहाल कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ है।
हालांकि ईरान के इन अहम सैन्य ठिकानों पर हुए भारी हमलों ने ईरानी सेना की सुरक्षा व्यवस्था पर बहुत बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ईरान इस भारी सैन्य तबाही का किस तरह से अमेरिका को कड़ा जवाब देता है।