Kuwait Drone Attack: कुवैती सेना का बड़ा बयान, आसमान में ईरान के ड्रोनों से सीधी भिड़ंत, दहल उठे खाड़ी देश

US Bandar Abbas Air Strike: अमेरिका-ईरान संघर्ष फिर तेज हो गया। अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों को निशाना बनाया, जबकि कुवैत ने ईरानी ड्रोन हमलों का दावा किया।
US-Iran Conflict
कुवैत पर ईरान ने किया ड्रोन हमला (AI जेनरेटेड इमेज)
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US-Iran Conflict: मिडिल ईस्ट अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। कुवैत सेना ने गुरुवार को बताया कि ईरान ने उस पर ड्रोन हमला किया है और वो हमलों का जवाब दे रही है। कुवैती सेना ने बयान जारी करते हुए कहा कि, ईरानी हमलों का हमारे एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के ड्रोन हमलों का मुकाबला कर रही हैं। आज सबसे पहले हमले की शुरुआत अमेरिका के ओर से हुई। अमेरिका ने ईरान पर तबाड़तोड़ हमले किए, इसके जवाब में तेहरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर निशाना बनाया। इसके अलावा ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले किए। तेहरान ने इसके साथ ही धमकी देते हुए कहा कि वो पूरे इलाके में बुनियादी ढांचों को निशाना बनाएगा।

ट्रंप ने दी थी हमले की धमकी

ईरान ने यह धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के जवाब में दी, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान समझौते के लिए नहीं माना तो वो देश के पावर प्लांट और पुलों पर हमला करेंगे। ईरानी इसी के जवाब में कहा कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ऐसा करते हैं, तो वो पूरे इलाके में बुनियादी ढांचों पर हमले करेंगे।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRCG) ने कहा कि उन्होंने जॉर्डन में अमेरिकी एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। IRCG ने कहा कि उन्होंने यह हमला अमेरिका के उस हमले के जवाब में किया जिसमें बच्चों के कैंसर अस्पताल के बम बरसाए गए थे।

अस्पताल पर हमला अमेरिका की कायरता

ईरान के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम में अहवाज में स्थित बच्चों के केंसर अस्पताल के पास अमेरिका ने हमला किया। हमले के बाद अस्पताल को खाली करा लिया गया है और मरीजों को दूसरे मेडिकल सेंटरों में शिफ्ट कर दिया गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई अमेरिका द्वारा किए गए हमलों को बर्बर और कायरता बताया है।

अमेरिका ने हमलों पर क्या कहा?

वहीं, दूसरी तरफ अमेरिका की ओर से भी इन हमलों को लेकर बयान जारी किया गया। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि अमेरिकी फौज ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाविकों को धमकाने की क्षमता को कम करने के लिए तटीय शहर बंदर अब्बास समेत कई जगहों पर ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। CENTCOM) ने आगे कहा कि हमले में ईरान के क्रूड मिसाइल साइट्स को निशाना बनाया गया था।

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