ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान का पलटवार, मिडिल ईस्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर दी बड़ी धमकी

US Iran Conflict: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच तेहरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी हमलों में उसके बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा तो वह मिडिल ईस्ट के रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा।
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हेब्रान के आकाश में मिसाइल -9 जून, 2026 (सोर्स-IANS)
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Iran Warns US Over Military Attacks: अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते हवाई हमलों से मध्य एशिया संकट फिर बढ़ गया है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान गल्फ देशों को निशाना बना रहा है। ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोल्फाघरी ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचाया तो वो मिडिल ईस्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह कर देंगे।

अमेरिका की हरकत से मिडिल ईस्ट पर खतरा

गुरुवार को ईरानी स्टेट मीडिया ने जोल्फाघरी का बयान जारी किया। जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी धमकियों को अमल में लाते हैं, तो ईरान के सशस्त्र बल ऐसे जवाबी हमले करेंगे कि मिडिल ईस्ट के रणनीतिक ढांचों का कोई निशान नहीं बचेगा।

होर्मुज में अमेरिकी हस्तक्षेप पर सख्ती

जोलफाघारी ने यह भी कहा कि ईरान होर्मुज में अमेरिका के किसी भी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में और किसी भी तरीके से वो अमेरिका जैसे बाहरी और क्षेत्र से बाहर के देश को होर्मुज में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देंगे।

ट्रंप ने दी धमकी

दरअसल, ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अगर तेहरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना अगले हफ्ते ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाना शुरू करेगी। उन्होंने फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम में ये बात कही थी।

इस बीच, ईरान ने गुरुवार को दावा किया कि उसने बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर दोबारा हमला कर "हवाई निगरानी और नियंत्रण करने वाले रडार पूरी तरह नष्ट कर दिए " और "लड़ाकू विमानों के ईंधन टैंक पंपिंग स्टेशन को भी तबाह कर दिया।"

IRGC ने रडार और पैट्रियट सिस्टम को बनाया निशाना

इससे पहले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस एयर बेस पर ड्रोन हमले का जिक्र किया था। ईरान के अनुसार, इन हमलों में संचार और रडार प्रणालियों को निशाना बनाया गया, जिनमें अमेरिकी बलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सुपर हॉक रडार और पैट्रियट सिस्टम भी शामिल थे।

आईआरजीसी ने कहा कि ये हमले अमेरिका की उन कार्रवाइयों का जवाब हैं, जिसके बाद ईरान के अहवाज स्थित बच्चों के कैंसर अस्पताल और इलाम प्रांत के सीमावर्ती क्षेत्र में कर्बला जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए पानी उत्पादन संयंत्र को खाली कराना पड़ा था।

यह बयान आईआरजीसी के उस दावे के कुछ ही समय बाद आया है, जिसमें उसने कुवैत और जॉर्डन पर भी आगे के हमलों का दावा किया था।

-IANS ऐजेंसी इनपुट

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