

Iran Threatens To Destroy Middle East Energy Plants US Iran War: पश्चिम एशिया में युद्ध अब और भी ज्यादा भयंकर और खतरनाक रूप लेता जा रहा है। ईरान ने सीधे तौर पर यह खुली धमकी दी है कि अगर अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करता है तो वह भी पलटवार करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के बुनियादी ढांचों पर एक बड़े हमले की योजना पूरी तरह से बना रहे हैं। अगर अमेरिका यह बड़ी गलती करता है तो ईरान पश्चिम एशिया के ऊर्जा ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर देगा।
ईरानी मीडिया एजेंसी तस्नीम के मुताबिक तेहरान ने अमेरिकी हमले की स्थिति में अपनी एक बहुत ही व्यापक रणनीति बनाकर रखी है। ईरान ने उन सभी बड़े देशों और उनके प्रमुख ऊर्जा ठिकानों की एक लंबी लिस्ट भी दुनिया के सामने जारी कर दी है। इस लिस्ट में सऊदी अरब, कुवैत, कतर और इजरायल के कई बड़े और प्रमुख ऊर्जा संयंत्र मुख्य रूप से शामिल किए गए हैं। यह भयंकर और बड़ी धमकी अमेरिका के संभावित बड़े हमले को ध्यान में रखते हुए ही बहुत ही सख्ती के साथ दी गई है।
ईरान की इस जारी लिस्ट में सऊदी अरब के घरावार तेल क्षेत्र के साथ ही अबकाइक और खुरैस के नाम भी साफ शामिल हैं। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात के जकुम तेल क्षेत्र और रुवाइस रिफाइनरी को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। आपको बता दें कि इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों से हर दिन करीब 1 मिलियन बैरल तेल पूरी दुनिया में निकाला जाता है। इन प्रमुख ऊर्जा क्षेत्रों से ही वैश्विक ऊर्जा का एक बहुत बड़ा हिस्सा दूसरे देशों को भारी मात्रा में निर्यात किया जाता है।
दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस भंडार के मालिक कतर के गैस संयंत्रों को भी इस लिस्ट में रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक कतर के उत्तरी गैस फील्ड के अलावा रस लफ्फान को भी पूरी तरह से निशाना बनाने की बात हुई है। यह विश्व के कुल एलएनजी व्यापार का करीब 20 फीसदी हिस्सा बनाता है, जो कि एक बहुत ही बड़ा और अहम आंकड़ा है। इसके अलावा कुवैत के बर्गन तेल क्षेत्र और बहरीन के सित्राह तथा अल मिहाज रिफाइनरी को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है।
यह बड़ी धमकी ऐसे गंभीर समय में सामने आई है जब डोनाल्ड ट्रंप ईरान को भारी चोट पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप ने सेना को ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला करने के बहुत सख्त आदेश दिए हैं। हालांकि अभी तक अमेरिका ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर सीधे तौर पर कोई भी बड़ा हमला करने से पूरी तरह बचता नजर आया था। लेकिन अब वह इन्हीं संयंत्रों पर जोरदार हमला करके ईरान को पूरी तरह से झुकाने और हराने की बड़ी कोशिश कर रहा है।
ईरान ने अपनी इस धमकी भरी लिस्ट में इजरायल के लेविथान और तमार गैस क्षेत्र पर भी जोरदार हमला करने की बात कही है। इससे पहले भी ईरान ने हल्के ड्रोन्स और मिसाइलों की मदद से अमेरिका और इजरायल को बहुत ही भारी नुकसान पहुंचाया था। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद बहरीन, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे अमेरिकी साथी देशों को भी जमकर और भारी परेशान किया है। ईरान ने साफ कहा है कि किसी भी संभावित अमेरिकी लापरवाही की स्थिति में जवाब देने की पूरी योजना तैयार करके रखी गई है।