US Airstrikes: जॉर्डन बेस पर हमले के बाद भड़के ट्रंप, ईरान पर अमेरिका ने फिर से शुरू की एयरस्ट्राइक

US Airstrikes: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर से बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। जॉर्डन में स्थित अमेरिकी बेस पर हुए मिसाइल हमले के बाद ट्रंप ने ईरान पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक की है।
US Airstrikes: Donald Trump Resumes Heavy Bombing On Iran After Attack On Jordan Military Base Now
अमेरिका ने फिर किया ईरान पर हमला (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Airstrikes Donald Trump Resumes Heavy Bombing On Iran After Attack On Jordan Military Base: जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए बड़े मिसाइल हमले के बाद अमेरिका ने बहुत कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के बाद अमेरिका ने ईरान के भीतर मौजूद कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से चला आ रहा सैन्य कार्रवाई का संक्षिप्त विराम अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। अमेरिका के इस कड़े कदम से मध्य पूर्व में तनाव बहुत गहरा गया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार गुरुवार रात आठ बजे ईरान के खिलाफ ये बड़े हवाई हमले अचानक शुरू किए गए थे। यह भीषण सैन्य कार्रवाई इस हफ्ते जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों का सीधा और कड़ा जवाब है। हालांकि ईरान की मिसाइलों को अमेरिकी बलों ने हवा में ही रोककर उस बड़े हमले को पूरी तरह से नाकाम कर दिया था। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने ईरान की इस बड़ी जुर्रत का माकूल जवाब देने के लिए तुरंत इस सख्त सैन्य कदम को उठाया है।

ट्रंप ने दी थी कड़ी चेतावनी

ईरान पर हवाई हमले शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बहुत ही सख्त चेतावनी जारी की थी। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ से साफ कहा था कि अमेरिकी सैनिकों पर होने वाले किसी भी हमले का जोरदार जवाब दिया जाएगा। उन्होंने ईरान को खुलेआम धमकी देते हुए कहा था कि हम उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे और उन्हें हराएंगे। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया था कि इस गुस्ताखी के लिए ईरान को बहुत बड़ी और भारी कीमत चुकानी ही पड़ेगी।

इराक में भी अमेरिका का हमला

ईरान के साथ-साथ अमेरिका और सऊदी अरब ने मंगलवार देर रात इराक में भी एक बड़ा संयुक्त हवाई हमला किया है। यह हमला विशेष रूप से ईरान समर्थित मिलिशिया पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज के खिलाफ बहुत ही आक्रामक तरीके से किया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक पूर्वी इराक में मिलिशिया के लॉजिस्टिक केंद्रों और हथियारों के ठिकानों को पूरी तरह निशाना बनाया गया। इन भीषण हवाई हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत होने की पूरी पुष्टि की गई है जो एक बड़ा आंकड़ा है।

लगातार हो रहे हैं ड्रोन हमले

अमेरिका के मुताबिक पिछले तीन दिनों में अमेरिकी बलों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर 30 से अधिक ड्रोन हमले हुए हैं। इन लगातार हो रहे बड़े हमलों के पीछे सीधे तौर पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का हाथ बताया गया है। सऊदी अरब ने भी जानकारी दी थी कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने पूर्वी प्रांत में तेल प्रतिष्ठानों की ओर बढ़ते ड्रोन रोके हैं। रियाद ने इन सभी हमलों के लिए इराक से सक्रिय ईरान समर्थित विभिन्न सशस्त्र समूहों को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है।

नेतन्याहू से अहम मुलाकात

अमेरिका के ये नए हमले ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की व्हाइट हाउस में हुई खास मुलाकात के बाद हुए हैं। इस उच्चस्तरीय और बहुत ही अहम बैठक में ईरान के खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई थी। दोनों बड़े नेताओं ने ईरान से सख्ती से निपटने के लिए कूटनीति, आर्थिक प्रतिबंध और सैन्य कार्रवाई जैसे तीन विकल्पों पर विचार किया। अमेरिका ने बातचीत नाकाम रहने पर अपनी सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू कर दी है जिससे युद्ध का भारी खतरा बढ़ गया है।

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