डोनाल्ड ट्रंप, जनरल डैन केन (सोर्स- सोशल मीडिया)
US Attack Iran: अमेरिकी मीडिया में चर्चा हो रही है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच ईरान पर हमले को लेकर मतभेद हैं। सोमवार, 23 फरवरी को ट्रंप ने इन खबरों को गलत बताया, जिसमें कहा गया था कि जनरल डैन केन, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, ईरान पर सैन्य कार्रवाई के खिलाफ थे। ट्रंप ने कहा कि अगर युद्ध होता है तो अमेरिका आसानी से जीत जाएगा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि यह “100 प्रतिशत गलत” है कि जनरल केन युद्ध के खिलाफ हैं। ट्रंप ने कहा कि जनरल केन भी युद्ध नहीं चाहते, लेकिन यदि आदेश मिले तो वे नेतृत्व करेंगे और जीत सुनिश्चित करेंगे।
द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, जनरल केन ने व्हाइट हाउस और पेंटागन में चिंता जताई कि हथियारों की कमी और सहयोगी देशों के कम समर्थन से सैनिक खतरे में रह सकते हैं। द वॉल स्ट्रीट जनरल ने बताया कि सैन्य नेताओं ने सैनिकों के हताहत होने और अमेरिका की हवाई रक्षा कमजोर पड़ने जैसे जोखिमों की चेतावनी दी थी। एक्सियोस ने कहा कि जनरल केन ने चेताया कि अमेरिका लंबे संघर्ष में फंस सकता है। साथ ही, ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जारेड कुशनर ने कहा था कि हमले से पहले कूटनीति को मौका देना चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया पर “गलत और जानबूझकर” रिपोर्टिंग का आरोप लगाया और कहा कि अंतिम फैसला वही लेंगे। उन्होंने कहा कि वे ईरान के साथ समझौता करना पसंद करेंगे, लेकिन यदि बातचीत विफल हुई तो ईरान के लिए यह बहुत बुरा दिन होगा। ट्रंप इससे पहले भी कह चुकें है कि वो युद्ध नहीं करना चाहते, लेकिन अगर युद्ध करना पड़ा तो वो निर्णायक होगा।
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पिछले साल ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले का आदेश दिया था। 2018 में उन्होंने पहले कार्यकाल में परमाणु समझौता तोड़ दिया था। वर्तमान में अमेरिका ने मध्य पूर्व में बड़ी सैन्य ताकतें तैनात की हैं दो विमानवाहक पोत, कई युद्धपोत, फाइटर जेट और अन्य संसाधन। हालांकि, दोनों देशों के बीच वार्ता जारी है और अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, अगली बैठक गुरुवार को होगी।
Ans: ट्रंप ने मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताया। उन्होंने कहा कि जनरल डैन केन युद्ध के खिलाफ नहीं हैं। अगर आदेश मिला, तो अमेरिका आसानी से जीत सकता है।
Ans: मीडिया ने बताया कि ईरान पर हमला लंबा संघर्ष, सैनिक हताहत और अमेरिका की हवाई सुरक्षा कमजोर कर सकता है। कूटनीति को मौका देने की सलाह भी दी गई थी।
Ans: अमेरिका मध्य पूर्व में बड़ी सैन्य ताकतें तैनात कर चुका है। वार्ता अभी जारी है, अगली बैठक गुरुवार को होने वाली है, समझौता या सैन्य विकल्प दोनों खुले हैं।