ईरान में सैन्य प्रशिक्षण के दौरान प्लेन क्रैश (सोर्स- सोशल मीडिया)
Iran Fighter Jet Crash: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान को एक बड़ा झटका लगा है। एक तरफ जहां डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर परमाणु समझौते को लेकर दबाव बढ़ाते हुए कहा है कि वे अगले 10 से 15 दिनों में बड़ा फैसला लेने वाले हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने अपनी सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया है। इसी दौरान एक प्रशिक्षण अभ्यास में ईरानी वायुसेना का एक फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार दो पायलटों में से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल बताया जा रहा है।
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकॉस्टिंग (IRIB) ने टेलीग्राम पर इस घटना की पुष्टि की। प्रसारक ने बताया कि पश्चिमी ईरान के हमीदान प्रांत में देर रात चल रहे सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान यह हादसा हुआ। शुरुआती जानकारी में कहा गया है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और तकनीकी टीमों को मौके पर भेजा गया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या किसी अन्य वजह से हुआ।
इधर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में एक बैठक के दौरान कहा कि अब समय आ गया है कि ईरान अमेरिका के साथ उस रास्ते पर चले जिसे वॉशिंगटन तय करना चाहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने समझौते की दिशा में कदम नहीं बढ़ाया, तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि अगले लगभग 10 दिनों में स्थिति साफ हो जाएगी कि समझौता होता है या अमेरिका को और कड़ा कदम उठाना पड़ेगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के नेतृत्व में सरकार क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि ईरान पूरे इलाके की स्थिरता को खतरे में नहीं डाल सकता और उसे समझौता करना ही होगा।
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बताया जा रहा है कि अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपने हवाई और नौसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी है। फाइटर जेट्स ले जाने में सक्षम एक युद्धपोत पहले से वहां मौजूद है और दूसरा रास्ते में है। इसे 2003 के बाद से क्षेत्र में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती में से एक माना जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच टकराव की आशंका और बढ़ गई है।