पहले ही दौर में टूटी बातचीत! लेबनान मुद्दे पर उलझे अमेरिका और ईरान, 80 मिनट की बैठक के बाद किया वॉकआउट

US Iran Talks: स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच 80 मिनट तक चली शांति वार्ता भारी तनाव का शिकार हो गई। लेबनान संकट और डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बैठक से वॉकआउट कर दिया।
US Iran Talks: Peace Meeting In Switzerland Halts As Iran Walks Out Over Trump Threat On Lebanon
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Switzerland US Iran Talks: मध्य पूर्व में शांति बहाली के लिए स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की वार्ता हुई। रविवार को आयोजित इस अहम बैठक का मुख्य उद्देश्य चार महीने से जारी भयंकर संघर्ष को समाप्त करना था। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ मौजूद थे। लेकिन लेबनान संकट को लेकर दोनों देशों के बीच भारी मतभेद खुलकर सामने आ गए जिससे तनाव काफी बढ़ गया।

बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक धमकी ने पूरे कूटनीतिक माहौल को बुरी तरह बिगाड़ दिया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लेबनान में सक्रिय समूहों को नियंत्रित करने की सख्त चेतावनी ईरान को दी थी। इससे नाराज होकर ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने इस 80 मिनट की बैठक को बीच में ही छोड़कर अचानक वॉकआउट कर दिया। हालांकि ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि लेबनान में इजरायली हमले रुकने पर ही आगे की बातचीत संभव होगी।

बैठक में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता

इस अहम बैठक के शुरू होने से ठीक पहले ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों से भी बात की। ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका से कोई भी समझौता उसकी जमीनी हकीकत पर पूरी तरह निर्भर करेगा। ईरान का स्पष्ट आरोप है कि अमेरिका सभी मोर्चों पर अपना सीजफायर लागू करने के वादे में पूरी तरह विफल रहा है। लेबनान में इजरायल की जारी सैन्य कार्रवाई इस विफलता का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष प्रमाण दुनिया के सामने मौजूद है।

ईरान का कड़ा रुख और वॉकआउट

स्विट्जरलैंड की इस शांति बैठक में प्रतिबंधों से बड़ी राहत और ईरान की संपत्तियों को रिलीज करने पर चर्चा हुई। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के धमकी भरे बयान के बाद ईरानी डेलिगेशन ने अपना बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। ईरान के संसद अध्यक्ष ग़ालिबफ़ ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका को अपने बयानों में सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की ताकतवर सेना किसी भी विपरीत स्थिति का कड़ा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

जेडी वेंस की सफाई और इजरायल का बयान

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस भारी तनाव पर सफाई देते हुए कहा कि कूटनीतिक वार्ताओं में ऐसे उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। उन्होंने बताया कि ट्रंप ने प्रतिनिधिमंडल को ईरान के साथ नए सिरे से रिश्ते सुधारने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। हालांकि ईरान ने अमेरिका के साथ प्रतीकात्मक हैंडशेक और संयुक्त तस्वीर खिंचवाने से भी पूरी तरह साफ इनकार कर दिया है। दूसरी ओर इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना की भारी मौजूदगी लगातार बनी रहेगी।

कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में आए इस भारी गतिरोध का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा है। तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में अचानक भारी उछाल प्रमुखता से दर्ज किया गया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1 डॉलर से ज्यादा महंगी होकर अब 81 डॉलर के पार तेजी से पहुंच गई है। अगर यह गतिरोध लंबे समय तक जारी रहता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को ऊर्जा संकट का भारी सामना करना पड़ेगा।

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