स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज विवाद (सोर्स-सोशल मीडिया)
Strait Of Hormuz Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच Hormuz स्ट्रेट पर चल रही बातचीत के जल्द सफल होने की पूरी उम्मीद है। ईरान ने जहाज़ों के लिए सुरक्षित मार्ग का नया प्रस्ताव देकर मामले को सुलझाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस प्रस्ताव से Hormuz जलडमरूमध्य संघर्ष में फंसे दुनिया भर के व्यापारिक जहाजों को बहुत बड़ी राहत मिल सकती है। दोनों देशों के बीच लड़ाई रोकने का समझौता होने पर इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को तुरंत चालू किया जा सकता है।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने ओमानी जलक्षेत्र से जहाजों को बिना रोक-टोक गुजरने देने का प्रस्ताव दिया है। तेहरान के एक सूत्र ने बताया कि इस संभावित समुद्री समझौते से Hormuz स्ट्रेट के अंदर एक बहुत ही सुरक्षित कॉरिडोर बन जाएगा। यह नया प्रस्ताव पूरी तरह से तभी लागू होगा जब दोनों देशों के बीच मौजूद लड़ाई को पूरी तरह से रोकने का कोई मजबूत समझौता हो जाए।
ईरान के साथ जारी इस भयंकर युद्ध ने Hormuz स्ट्रेट से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक में भारी रुकावट पैदा कर दी है। 28 फरवरी को लड़ाई शुरू होने के बाद से खाड़ी में सैकड़ों टैंकर और करीब 20 हजार बेगुनाह नाविक पूरी तरह से फंसे हुए हैं। 8 अप्रैल को सीजफायर लागू होने के बाद भी व्यापारिक शिपिंग गतिविधियां अपने सामान्य स्तर से अभी भी काफी ज्यादा नीचे चल रही हैं।
Hormuz का यह समुद्री रास्ता बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस लेकर जाता है। इस अहम रास्ते के लगातार बंद होने से पूरी दुनिया भर में ऊर्जा संकट और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर गंभीर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। ईरान के इस नए शांति प्रस्ताव से अब वैश्विक तेल सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को बहुत बड़ी और जरूरी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
ईरान के इस नए समुद्री प्रस्ताव पर अभी भी कुछ बहुत ही जरूरी और गंभीर सवालों के स्पष्ट जवाब मिलना पूरी तरह से बाकी हैं। यह स्थिति अभी साफ नहीं है कि ईरान उस समुद्री इलाके में लगाई गई खतरनाक खदानों को अपनी तरफ से हटाएगा या नहीं हटाएगा। साथ ही यह भी देखना बहुत दिलचस्प होगा कि क्या इजरायल से जुड़े व्यापारिक जहाजों को इस ओमानी रास्ते से सुरक्षित गुजरने दिया जाएगा।
ईरान का यह सुरक्षित मार्ग का प्रस्ताव पूरी तरह से इस बात पर टिका है कि क्या वाशिंगटन उसकी लंबित मांगों को मानेगा या नहीं। व्हाइट हाउस ने ईरान के इस नए और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर अभी तक अपना कोई भी आधिकारिक जवाब या बयान बिल्कुल नहीं दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपने बयान में कहा था कि यह विनाशकारी युद्ध अब पूरी तरह से खत्म होने के करीब है।
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अमेरिका और ईरान के बीच Hormuz स्ट्रेट का यह अनिश्चित भविष्य अभी भी आगे की बातचीत के लिए सबसे मुख्य केंद्र बना हुआ है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी अभी तक इस संवेदनशील मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक टिप्पणी या स्पष्टीकरण नहीं दिया है। पूरी दुनिया की नजरें अब मुख्य रूप से अमेरिका के जवाब और इस अहम समुद्री क्षेत्र में स्थायी शांति बहाली के प्रयासों पर टिकी हुई हैं।