ईरान ने जॉर्डन पर दागीं मिसाइलें, कब्जे में लिया अमेरिक का रहस्यमयी अंडरवॉटर ड्रोन, तस्वीरें जारी कर दिए सबूत

US-Iran War: अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया।
Iran Air Strikes US Military Base in Jordan
ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमला किया(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Iran Air Strikes US Military Base in Jordan: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी नौसेना ने 9 सितंबर को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के पांच तेल टैंकरों पर हमला कर उन्हें तबाह कर दिया। इसके कुछ घंटे बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस पर 20 बैलिस्टिस मिसाइलें दागीं। 

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी अल-अजराक बेस पर जवाबी कार्रवाई के तहत भारी मिसाइल हमला किया है। वहीं, जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने 18 मिसाइलों  को मार गिराया, जबकि दो मिसाइलों को निशाना नहीं बनाया गया, क्योंकि वह आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। 

अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ा तनाव

ईरान की ओर से यह हमले हाल ही में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की कार्रवाई के बाद हुए है। अमेरिकी सेना ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े पांच ईरानी टैंकरों को निशाना बनाया था। CENTCOM ने दावा किया था कि यह कार्रवाई पिछले 48 घंटों में अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर बार-बार किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में की गई। 

CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना ओमान की खाड़ी में मौजूद चार तेल वाहक जहाजों के साथ-साथ फारस की खाड़ी के अंदर खर्ग द्वीप के पास पांचवें जहाज पर हमला किया। अधिकारियों ने कहा कि टारगेट किए गए अमेरिकी युद्धपोत ने आने वाले हमलों को सफलतापूर्वक बायपास किया, अपने क्षेत्रीय तेल मार्ग को बनाए रखा। ईरानी हमले में कोई भी सैनिक हताहत नहीं हुआ है। जबकि टैंकरों पर सवार क्रू को हमलों से पहले निकलने का निर्देश दिया गया था।

ईरान के कब्जे में अमेरिका का अंडरवॉटर ड्रोन

IRGC ने मंगलवार को दावा किया कि, उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका के एक अंडरवॉटर ड्रोन को कब्जे में लिया है। IRGC ने सबूत के तौर पर ड्रोन की तस्वीरें भी जारी कीं। ईरान की ओर से जारी तस्वीरों के मुताबिक, ड्रोन अमेरिकी कंपनी एंड्यूरिल के डाइव-LD मॉडल जैसा है। ड्रोन का आकार और डिजाइन Dive-LD से बहुत अधिक मेल खाती है। 

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क्या है  Dive-LD ड्रोन? 

Dive-LD ड्रोन को बिना चालक के पानी के अंदर कई दिनों तक मिशन करने के लिए बनाया गया है। जानकारी के मुताबिक, इसका उपयोग समुद्र की निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और समुद्री बारूदी सुरंगों की तलाश में किया जाता है। यह अमेरिकी नौसेना के इस्तेमाल में भी है। हालांकि, अमेरिका ने इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। 

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