इस्लामाबाद समिट से पहले बड़ा धमाका! इजरायल के हमलों ने बिगाड़ा गेम, क्या फिर शुरू होगी जंग?

US Iran Ceasefire: लेबनान में इजरायल के बढ़ते सैन्य हमलों ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए नाजुक संघर्ष-विराम को खतरे में डाल दिया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि उसकी 'उंगलियां अब भी ट्रिगर पर' हैं।
Major Blast Ahead of Islamabad Summit! Israeli Attacks Upend the Game—Will War Break Out Again?
ईरान-अमेरिका तनाव, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
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US Iran Ceasefire Warning: पश्चिम एशिया में शांति की कोशिशों को उस समय बड़ा झटका लगा जब अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए सीजफायर के तुरंत बाद इजरायल ने लेबनान पर भीषण हमले शुरू कर दिए। इन हमलों ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि भविष्य की शांति वार्ताओं के अस्तित्व पर भी संकट पैदा कर दिया है।

ईरान की 'ट्रिगर' वाली चेतावनी

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इन हमलों पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर स्पष्ट रूप से कहा कि लेबनान में इजरायल की फिर से घुसपैठ शुरुआती संघर्ष-विराम समझौते का खुला उल्लंघन है। पेजेश्कियन ने चेतावनी दी कि ईरान अपने लेबनानी भाई-बहनों को अकेला नहीं छोड़ेगा और यदि यह आक्रामकता जारी रही तो बातचीत बेमानी हो जाएगी। उन्होंने इजरायली कार्रवाई को 'धोखेबाजी' करार देते हुए कहा कि ईरान की 'उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं'।

फ्रांस की नाराजगी

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इजरायल के इन जानलेवा हमलों की कड़ी आलोचना की है। मैक्रों ने लेबनान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से फोन पर बात कर फ्रांस की एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि ये हमले वर्तमान सीजफायर के बने रहने के लिए सीधा खतरा हैं और मांग की कि लेबनान को इस सीजफायर समझौते के तहत पूरी तरह से शामिल किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, इजरायल का दावा है कि उसके हमलों का उद्देश्य ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटर और मिलिट्री साइट्स को तबाह करना था।

इस्लामाबाद शिखर वार्ता पर सस्पेंस

तनाव के इस माहौल के बीच, कूटनीतिक गलियारों में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर नजरें टिकी हुई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समझौता वार्ता के लिए इस्लामाबाद जाने की तैयारी में हैं।

हालांकि, ईरान की ओर से इस वार्ता में कौन शामिल होगा, इसे लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने ईरानी डेलिगेशन के आगमन को लेकर एक पोस्ट साझा किया था जिसे बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया जिससे वार्ता की सफलता को लेकर कयासों का बाजार गर्म है।

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